UP News: यूपी के इन जिलों में बनेगी 5 नई जेल, कैबिनेट बैठक में मिली मंजूरी, कैदी की मौत पर मिलेगा मुआवजा

Amrit Vichar Network
Published By Ankit Yadav
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लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश सरकार ने कैदियों की बेहतर सुविधा और जेल सुधार को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। यूपी कैबिनेट की बैठक में 5 नई जेलों के निर्माण और कैदी की मौत पर मुआवजे की घोषणा की गई है। यह फैसला जेलों की भीड़भाड़ कम करने और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

5 नई आधुनिक जेलों का निर्माण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य में 5 नई आधुनिक जेलों का निर्माण किया जाएगा। इन जेलों में बेहतर सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और कैदियों के पुनर्वास की व्यवस्था होगी। वर्तमान में यूपी की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं, जिससे कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। नई जेलें इस समस्या का स्थायी समाधान साबित होंगी। 

इन जिलों में बनेंगी जेल 
  • मुरादाबाद में 2000 कैदियों की क्षमता वाली नई जिला जेल के निर्माण के लिए 386.91 करोड़ रुपये
  • ललितपुर में 552 कैदियों की क्षमता वाली नई जिला जेल के लिए 225.06 करोड़ रुपये
  • औरैया में 1056 कैदियों की क्षमता वाली नई जिला जेल के लिए 264.96 करोड़ रुपये
  • कानपुर नगर में 2030 कैदियों की क्षमता वाली नई जिला जेल के लिए 384.05 करोड़ रुपये
  • भदोही में 574 कैदियों की क्षमता वाली नई जिला जेल के लिए 209.19 करोड़ रुपये 
कैदी की मौत पर मिलेगा मुआवजा

कैबिनेट बैठक में कैदियों की मौत के मामलों में मुआवजे की नई नीति को भी मंजूरी दी गई है। अगर कोई कैदी जेल में झगड़े या इलाज की कमी और प्राकृतिक या अप्राकृतिक कारणों से मर जाता है तो उसके परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। विशेष रूप से आत्महत्या के मामलों में परिवार को 3 लाख रुपये तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे। यह फैसला कैदियों के अधिकारों की रक्षा और जेल प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए लिया गया है। सरकार का कहना है कि यह मुआवजा परिवार की आर्थिक मदद के साथ-साथ जेलों में बेहतर निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देगा। 

जेल अधिकारियों को निर्देश

जेल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर कैदी की मानसिक स्थिति पर नजर रखी जाए, काउंसलिंग की व्यवस्था की जाए और आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोका जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जेल सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे पहले कई राज्यों में ऐसी योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन यूपी जैसे बड़े राज्य में यह बड़े पैमाने पर लागू होगा। इस फैसले से जेलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और मानवाधिकार संगठनों की चिंताओं का भी समाधान होगा। सरकार का फोकस अब नई जेलों के शीघ्र निर्माण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने पर है। 

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