Bareilly News: TGT परीक्षा में आए 'मुन्ना भाई' किसी गिरोह का हिस्सा तो नहीं ! पुलिस खंगाल रही नेटवर्क 

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Published By Monis Khan
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टीजीटी में दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने आए दोनों मुन्ना भाइयों से की जा रही पूछताछ

ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) परीक्षा की पहली पाली में इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज और दूसरी पाली में बरेली कॉलेज से गिरफ्तार दोनों मुन्ना भाइयों से पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में रुपये लेकर परीक्षा देने की पुष्टि हुई। अधिकारी जानकारी जुटा रहे हैं कि दोनों किसी गिरोह का हिस्सा तो नहीं हैं।

बरेली, अमृत विचार। ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) परीक्षा की पहली पाली में इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज और दूसरी पाली में बरेली कॉलेज से गिरफ्तार दोनों मुन्ना भाइयों से पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में रुपये लेकर परीक्षा देने की पुष्टि हुई। अधिकारी जानकारी जुटा रहे हैं कि दोनों किसी गिरोह का हिस्सा तो नहीं हैं।

दांत का इलाज कराने को फर्जीवाड़े की पकड़ी राह
अमेठी निवासी राम मनोहर प्रजापति के दांत में लंबे समय से दर्द रहता था। उसके पास दांत का इलाज कराने के रुपये नहीं थे। पढ़ने लिखने में ठीक था तो टीजीटी परीक्षा में रविन्द्र नाथ का साल्वर बनने का आफर मिला। पांच हजार रुपये में सौदा तय किया था ताकि दांत का इलाज करा सके। बरेली कॉलेज गेट पर एंट्री के समय अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक मिलान किया जा रहा था, तब डेटाबेस से एक छात्र की जानकारी मिसमैच पाई गई। कड़ाई से जांच करने पर भेद खुल गया और राममनोहर को दबोच लिया गया।

डेढ़ लाख में तय हुआ था सौदा
वहीं इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में पकड़ा गया दूसरा आरोपी प्रमोद कुमार मूल रूप से आजमगढ़ का रहने वाला है। वह फर्रुखाबाद के रहने वाले विमल कुमार के स्थान पर परीक्षा देने आया था। पूछताछ में सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े के लिए प्रमोद और विमल के बीच डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। प्रमोद ने विमल से एडवांस रकम भी ले ली थी और बाकी के पैसे परीक्षा पास होने के बाद देने का वादा किया गया था। 

धोखाधड़ी और परीक्षा एक्ट में FIR
इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज प्रशासन की तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने प्रमोद के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। पुलिस अब असली अभ्यर्थी विमल की तलाश कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा सॉल्वर गैंग तो काम नहीं कर रहा है।

एडीएम सिटी बोले, किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देना असंभव
एडीएम सिटी ने कहा कि वर्तमान समय में परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से फूलप्रूफ और सुरक्षित है। परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते ही सबसे पहले मुख्य गेट पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस ली जाती है, जिसमें अभ्यर्थियों के थंब इम्प्रेशन (अंगूठे के निशान) के साथ-साथ आइरिस (आंखों की पुतली) की भी पहचान की जाती है। इस कड़े वेरिफिकेशन के बाद डेटाबेस से मिलान होना अनिवार्य है। अब यह पूरी तरह असंभव है कि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देकर बच सके।


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