दिल्ली होटल अग्निकांड : अग्रवाल फैमिली का गुरुग्राम में एक साथ अंतिम संस्कार, रिश्तेदारों ने दी मुखाग्नि

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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एक रिश्तेदार ने बताया कि विवेक को मुखाग्नि उनके रिश्ते के भाई ने, उनकी पत्नी तर्जनी को मुखाग्नि उनके भाई ने, उनकी मां प्रेमलता का एक अन्य रिश्तेदार ने और उनकी बेटियों जिविशा और वारिया को मुखाग्नि उनके रिश्ते के भाइयों ने दी।

गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजधानी के मालवीय नगर इलाके में एक होटल में लगी आग में मारे गए चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल के परिवार के पांच सदस्यों का बृहस्पतिवार को गुरुग्राम के सेक्टर-32 स्थित श्मशान भूमि पर अंतिम संस्कार किया गया। एक रिश्तेदार ने बताया कि विवेक को मुखाग्नि उनके रिश्ते के भाई ने, उनकी पत्नी तर्जनी को मुखाग्नि उनके भाई ने, उनकी मां प्रेमलता का एक अन्य रिश्तेदार ने और उनकी बेटियों जिविशा और वारिया को मुखाग्नि उनके रिश्ते के भाइयों ने दी।

विवेक के परिवार के आठ सदस्य उनके पिता राधेश्याम अग्रवाल से मिलने दिल्ली गए थे, जिनका कई दिनों से साकेत के मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। इस दौरान वे मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित पास के ही फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में ठहरे थे, जहां बुधवार को आग लगी थी।

विवेक और उनके करीबी परिवार के सदस्यों के अलावा, अजमेर के गुलाब बारी निवासी उनके मामा और मामी, जवारीलाल अग्रवाल (70) और कमला अग्रवाल (68), और एक अन्य रिश्तेदार, किशनगढ़ के संगमरमर व्यापारी झुमरी लाल गोयल की भी इस भीषण अग्निकांड में मौत हो गई।

दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)में पोस्टमॉर्टम के बाद बृहस्पतिवार को विवेक, उनकी पत्नी, उनकी दो बेटियों और उनकी मां के शवों को गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित उनके आवास पर लाया गया। अपराह्न करीब 3.15 बजे शवों को श्मशान घाट ले जाया गया, जहां पड़ोसी और रिश्तेदारों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

विवेक की पड़ोसी सुशीला भारद्वाज ने बताया कि वह अक्सर टहलते समय विवेक की मां प्रेमलता से मिलती थीं। रिश्तेदारों ने बताया कि विवेक 'इंश्योरेंस देखो' कंपनी के वित्तीय प्रमुख थे। उनकी पत्नी, तर्जनी एक पेशेवर इवेंट मैनेजर थीं और वंचित बच्चों के लिए एक गैर सरकारी संगठन भी चलाती थीं।

उन्होंने बताया कि तर्जनी एक मॉडल भी थीं और उन्होंने 2023 में प्रतिष्ठित 'मिसेज इंडिया' का खिताब जीता था। तर्जनी के करीबियों ने बताया कि वह अपने पेशेवर जीवन में अनुशासित होने के साथ-साथ परिवार से जुड़ी हुई थीं। हादसे के बाद से सेक्टर 46 स्थित विवेक का घर वीरान पड़ा है और मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ है।

विवेक के पिता मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पड़ोसियों ने बताया कि विवेक बहुत ही विनम्र, हंसमुख और हमेशा मदद के लिए तैयार रहने वाला व्यक्ति थे। पूरा मोहल्ला सदमे में है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले दिल्ली घूमने गया एक खुशहाल परिवार इस त्रासदी में पूरी तरह से खत्म हो गया। अब विवेक के परिवार में बीमार पिता के अलावा कोई भी नहीं बचा है। 

झारखंड की महिला का बोकारो में अंतिम संस्कार

 दिल्ली के मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में लगी आग में मारे गए 21 लोगों में शामिल झारखंड की एक महिला का बृहस्पतिवार को बोकारो जिले में अंतिम संस्कार कर दिया गया। महिला की पहचान सुरभि बरनवाल (25) के रूप में हुई है। महिला के परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह बोकारो जिले के जैना मोरे की निवासी थी और मुंबई की एक निजी कंपनी में काम करती थी तथा अक्सर कार्यालय के काम से दिल्ली जाती रहती थी।

बरनवाल के शव को बृहस्पतिवार को उनके पैतृक स्थान पर लाया गया और चास में गरगा पुल के पास एक श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। महिला के भाई शुभम कुमार ने श्मशान घाट पर पत्रकारों को बताया, "कल सुरभि मां से बात कर रही थी तभी आग लग गई। मां ने अचानक उसकी चीख सुनी और ऐसा लगा जैसे फोन उसके हाथ से गिर गया हो। वह बुरी तरह जल गई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।"

कुमार ने बताया कि उसके परिवार ने सुरभि के कुछ दोस्तों से संपर्क किया और तब उन्हें आग लगने की घटना के बारे में पता चला। कुमार ने बताया कि वह रविवार को कंपनी के काम से दिल्ली गई थी। बुधवार को दक्षिण दिल्ली की एक इमारत में भीषण आग लग गई जिसमें 21 लोग मारे गए। 

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