2.50 करोड़ की परियोजना का कार्य बंद देख भड़के विधायक रोमी, कहा- सिंचाई विभाग के अफसरों को बाढ़ आने का इंतजार
दी चेतावनी, कहा- जल्द कार्य शुरू नहीं तो कार्रवाई की संस्तुति करूंगा मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: पलिया विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ से सुरक्षा के लिए स्वीकृत करीब 2.50 करोड़ रुपये की परियोजना मानसून से ठीक पहले ठप पड़ी मिली। शारदा नदी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे विधायक रोमी साहनी ने मौके पर कार्य बंद देख संबंधित विभाग की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल काम शुरू कराने के निर्देश दिए।
खास बात यह है कि विधायक के पहुंचने के बाद मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई। विधायक ने ठप पड़ी परियोजना का मौके से वीडियो बनाया और पूरी जानकारी देने के साथ ही अफसरों को चेतावनी भी दी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित बनाने के लिए परियोजना स्वीकृत की गई थी, जिसमें दो करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि मिली है। टेंडर भी हुआ है ताकि पलिया को बाढ़ से बचाया जा सके, लेकिन आज मौके पर आया तो जानकारी मिली कि कार्य बंद है। विभागीय लापरवाही के चलते काम आगे नहीं बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लगता है कि बारिश और बाढ़ का इंतजार हो रहा है ताकि काम हुआ या नहीं, यह पता न चल सके और भुगतान हो जाए। चेतावनी दी कि यदि कार्य शीघ्र शुरू नहीं हुआ और क्षेत्र का नुकसान हुआ तो इसकी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों की होगी। इसका खामियाजा भी उन्हें ही भुगतना पड़ेगा।
तत्काल काम शुरू नहीं हुआ तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराऊंगा। मानसून की दस्तक से पहले बाढ़ सुरक्षा कार्यों का ठप होना क्षेत्र के हजारों लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है। हर वर्ष शारदा नदी के उफान से प्रभावित होने वाले गांवों के लिए यह परियोजना सुरक्षा कवच मानी जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है।
विधायक की नाराजगी सिर्फ एक प्रशासनिक चेतावनी नहीं, बल्कि जिले में बाढ़ बचाव तैयारियों की पोल भी खोलती है। सवाल यह है कि जब बारिश और बाढ़ का खतरा सिर पर है, तब भी बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग की मशीनें खामोश क्यों हैं?
हर साल डूबते हैं गांव, फिर भी नहीं चेता विभाग
शारदा नदी से सटे इलाके हर वर्ष बाढ़ की मार झेलते हैं। फसल, घर और आजीविका पर संकट के बावजूद बाढ़ सुरक्षा कार्यों में सुस्ती सवाल खड़े कर रही है। विधायक की चेतावनी ने साफ संकेत दिया है कि यदि विभाग अब भी नहीं जागा तो मानसून के दौरान हालात गंभीर हो सकते हैं। अधिकारियों के लिए यह चेतावनी है, लेकिन बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लिए इसे एक गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि तैयारियों में अभी भी बड़ी कमी बनी हुई है।
विधायक रोमी साहनी के शारदा नदी में निरीक्षण और वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है। वीडियो को तलाशकर देखेंगे और परियोजना कार्य की जानकारी करेंगे। यदि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ बचाव कार्यों में वह खुद लगातार तत्पर हैं।-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
