UPPCL पर 7.18 लाख का जुर्माना, रिचार्ज के बाद समय पर बिजली आपूर्ति बहाल न करने पर कार्रवाई

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

-स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के पक्ष में नियामक आयोग का फैसला -रिचार्ज के बाद समय पर बिजली आपूर्ति बहाल न करने पर कार्रवाई

लखनऊ, अमृत विचार: स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) ने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) पर 7.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने पाया कि कई मामलों में उपभोक्ताओं द्वारा रिचार्ज कराने के बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, जो परफॉर्मेंस के मानक रेगुलेशन-2019 का उल्लंघन है।

आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह की पीठ ने यह फैसला सुनाया। आयोग के अनुसार प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के रिचार्ज के दो घंटे के भीतर कम से कम 95 प्रतिशत मामलों में बिजली आपूर्ति बहाल होना अनिवार्य है, लेकिन मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान कई दिनों में यह मानक पूरा नहीं किया गया।

आयोग की जांच में सामने आया कि 16 दिनों की समीक्षा अवधि में 10 दिन ऐसे रहे, जब निर्धारित 95 प्रतिशत अनुपालन का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ। कुछ मामलों में बिजली आपूर्ति बहाल होने की दर 77 प्रतिशत तक सीमित रही। आयोग ने कहा कि स्मार्ट मीटर प्रणाली में पुनः कनेक्शन तत्काल या कुछ मिनटों के भीतर होना चाहिए और दो घंटे से अधिक की देरी उपभोक्ताओं के लिए गंभीर असुविधा का कारण बनती है।

यूपीपीसीएल ने अपने पक्ष में आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटरिंग के शुरुआती चरण, संचार व्यवधान, भुगतान प्रणाली के तकनीकी समन्वय और अन्य तकनीकी कारणों का हवाला दिया, लेकिन आयोग ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने स्पष्ट किया कि परियोजना पहले से संचालन में है, इसलिए इसे संक्रमणकालीन चरण नहीं माना जा सकता। आयोग ने यूपीपीसीएल को 15 दिन के भीतर जुर्माना जमा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मूल कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

ये भी पढ़ें  : 
यूपी में 417 फूड एनालिस्ट की होगी नियुक्ति, 18 मंडलों में माइक्रोबायोलॉजिकल लैब, तीन गुना बढ़ेगी खाद्य जांच क्षमता 

संबंधित समाचार