भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग JCM की 8वीं बैठक, सेमीकंडक्टर-खाद्य सुरक्षा समेत जानिए किन मुद्दों पर बनी सहमति

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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दिल्ली। भारत और इंडोनेशिया ने व्यापक सामरिक साझेदारी के अंतर्गत रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार को यहां इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो के साथ 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक (जेसीएम) की सह-अध्यक्षता की। 

रक्षा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ेगी साझेदारी

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्रियों ने भारत-इंडोनेशिया व्यापक सामरिक साझेदारी के अंतर्गत द्विपक्षीय संबंधों के समस्त क्षेत्रों की समीक्षा की तथा राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री, व्यापार और निवेश, औषधि एवं स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल, ऊर्जा, संपर्क, अंतरिक्ष, शिक्षा, वाणिज्य दूतावास संबंधी और सांस्कृतिक क्षेत्रों तथा लोगों के बीच परस्पर आदान-प्रदान में सहयोग को और सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की। 

भारत-इंडोनेशिया व्यापक सामरिक साझेदारी

बैठक में इस बात का उल्लेख किया गया कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई चर्चाओं, जिनमें जनवरी 2025 में भारत की उनकी राजकीय यात्रा के दौरान हुई वार्ताएँ भी शामिल हैं, ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान की है। दोनों पक्षों ने पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों में और अधिक निकट सहयोग एवं समन्वय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। 

जयशंकर ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी में हाल के वर्षों में मजबूत प्रगति देखी गई है। उन्होंने कहा, "हमने राजनीतिक, रक्षा एवं सुरक्षा, समुद्री और नौवहन, व्यापार, फिनटेक, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिजों के साथ-साथ पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग पर सार्थक चर्चा की।" उन्होंने कहा, "हमने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए, बहुपक्षीय समन्वय को आगे बढ़ाने और भारत-आसियान संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।" यह जानकारी भी मिली है कि 

रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

दोनों मंत्रियों ने पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभावों पर भी विचार-विमर्श किया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि जयशंकर और सुगियोनो ने भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। 

बैठक की शुरुआत में जयशंकर ने कहा, "आठवीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक के लिए आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का नयी दिल्ली में स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।" विदेश मंत्री ने पिछले वर्ष जनवरी में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियंतो की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई उनकी "सार्थक" वार्ता को भी याद किया। 

उन्होंने कहा, "उस यात्रा ने दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक साझेदारी संबंधों को नयी गति दी।" सुगियोनो ने भी कहा कि राष्ट्रपति सुबियंतो की पिछले वर्ष भारत यात्रा ने भारत-इंडोनेशिया साझेदारी को नयी दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों की सकारात्मक और निरंतर प्रगति का स्वागत किया तथा निकट भविष्य में पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर अगली संयुक्त आयोग बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। इंडोनेशिया, भारत की "एक्ट ईस्ट नीति" का एक प्रमुख स्तंभ है। गहरे सभ्यतागत संबंधों पर आधारित भारत-इंडोनेशिया व्यापक सामरिक साझेदारी, सहयोग के पारंपरिक तथा नए क्षेत्रों में निरंतर अधिक सशक्त होती जा रही है। 

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