UP News: तीन माह में गैस सिलेंडर पर दो बार में बढ़े 98 रुपये, गृहणियों का छलका दर्द
14.2 किग्रा. वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में तीन माह में दो बार 98 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। इसमे 69 रुपये और अब 29 रुपये बढ़ाए गए हैं। गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोत्तरी से महिलाओं में रोष है। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से उनकी रसोई का बजट गड़बड़ा जाता है। महिलाएं बोलीं कि आमदनी बढ़ नहीं रही और महंगाई बढ़ती जा रही है।
रामपुर, अमृत विचार। 14.2 किग्रा. वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में तीन माह में दो बार 98 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। इसमे 69 रुपये और अब 29 रुपये बढ़ाए गए हैं। गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोत्तरी से महिलाओं में रोष है। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से उनकी रसोई का बजट गड़बड़ा जाता है। महिलाएं बोलीं कि आमदनी बढ़ नहीं रही और महंगाई बढ़ती जा रही है।
महिलाओं को खल रही बढ़ोतरी
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम फरवरी 2026 में 876.50 पैसे थे इसके बाद 8 मार्च 2026 को सिलेंडर की कीमत 59 रुपये बढ़कर 935.50 रुपये हो गई। अब 7 जून से घरेलू सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की और बढ़ोत्तरी कर दी गई है जिससे सिलेंडर अब 962.50 रुपये का मिलेगा। महिलाएं का कहना हैं कि सिलेंडर 10 हजार रुपये का भी हो जाए भे पूंजीपतियों को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है जबकि, सरकार गरीबों को मुफ्त में सिलेंडर दे रही है।
लक्जरी चीजों के बढ़ें, सिलेंडर के घटें दाम
मध्यम वर्ग जोकि, पूरे महीने एक-एक रुपये का हिसाब जोड़कर गृहस्थी की गाड़ी खींचता है उसके लिए तीन माह में दो बार सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोत्तरी से परेशान हो जाएगा। बच्चों का तन पेट काटकर रसोई में सिलेंडर खरीद कर रखेगा। मांग है कि विलासिता की चीजों पर कीमतें बढ़ाकर गैस सिलेंडर पर सब्सिडी दी जा सकती है जिससे कि मध्यम वर्ग का परिवार भी दो जून की रोटी खा सके।
खर्चों में कर रहे कटौती
अनीता यादव ने बताया कि एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। रसोई गैस महंगी होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और कई परिवारों को अपने मासिक खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। सपना शर्मा के मुताबिक सरकार जनता को राहत देने के काम करती है लेकिन, अब तो अति हो गई है। तेल, गैस, घी हर चीज पर महंगाई मनमर्जी से बढ़ाई जा रही है। जिसके कारण मध्यम वर्ग को बहुत परेशानी हो रही है। मध्यम वर्ग एक-एक रुपया गिनकर खर्च करता है।
घर पर आ रहे मेहमान, बजट कर रहा परेशान
नगमा बी ने बताया कि महंगाई की मार से मध्यम वर्ग प्रभावित होता है, वोट देने के लिए कतारों में मध्यम वर्ग के परिवार खड़े होते हैं। उच्च वर्ग तो कतारों में खड़ा होना अपनी शान के खिलाफ समझता है। इसलिए मयम वर्ग को नहीं सताया जाना चाहिए। नेहा सक्सेना का कहना है कि गृहस्थी की गाड़ी महिलाओं को खींचना पड़ती है इन दिनों जून की छुट्टियां हैं और घरों पर मेहमान भरे हुए हैं। लोगों का जून की छुट्टियों में बजट गड़बड़ा जाता है। सिलेंडर के दाम बढ़ाकर मध्यम वर्ग को तीन माह में दूसरी बार चोट पहुंचाई गई है।
सरकार को नहीं लोगों की चिंता
फायजा बी ने कहा कि सरकार से देश का हर नागरिक यह अपेक्षा करता है कि सरकार उन्हें कदम-कदम पर राहत देगी। महंगाई से मुक्ति मिलेगी लेकिन, सरकार को जनता की चिंता नहीं है। महंगाई बढ़ने का सीधा असर मध्यम वर्ग की रसोई पर पड़ता है। श्रद्धा अग्रवाल ने बताया कि सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए और रसोई गैस को अधिक किफायती बनाए। आए दिन गैस के दाम बढ़ने से महिलाओं का धैर्य जवाब देने लगा है।
