सराहनीय : पूर्व छात्र जगजीत सिंह बिंद्रा ने IIT कानपुर को दान में दिए 11.5 लाख अमेरिकी डॉलर

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Published By Deepak Mishra
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर की अनुसंधान एवं शैक्षणिक अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए संस्थान के 1969 बैच के छात्र जगजीत सिंह बिंद्रा ने 11.5 लाख अमेरिकी डॉलर के उदार योगदान की घोषणा की है।

कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर की अनुसंधान एवं शैक्षणिक अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए संस्थान के 1969 बैच के छात्र जगजीत सिंह बिंद्रा ने 11.5 लाख अमेरिकी डॉलर के उदार योगदान की घोषणा की है।

सहयोग राशि से नए केमिकल इंजीनियरिंग एनेक्स की होगी स्थापना

इस सहयोग से आईआईटी कानपुर में एक नए केमिकल इंजीनियरिंग एनेक्स की स्थापना की जाएगी। संस्थान द्वारा बुधवार को दी गई जानकारी अनुसार इस भवन का नाम 'जेनिस एवं जगजीत बिंद्रा केमिकल इंजीनियरिंग एनेक्स' रखा जाएगा। लगभग 4,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्मित होने वाली यह अत्याधुनिक सुविधा केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के लिए शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार का आधुनिक केंद्र बनेगी। 

यह विभाग की महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ उसकी शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमताओं के विस्तार में भी सहायक सिद्ध होगी। नई सुविधा में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, संकाय कार्यालय तथा सहयोगात्मक अनुसंधान स्थल स्थापित किए जाने की योजना है। यह भवन सतत प्रौद्योगिकियों, कम्प्यूटेशनल कैटालिसिस, जैव-प्रौद्योगिकी और उन्नत पदार्थों (एडवांस्ड मैटेरियल्स) जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देगा। 

अपने योगदान पर क्या बोले जगजीत सिंह बिंद्रा

साथ ही, यह उद्योग-अकादमिक साझेदारी को सशक्त करेगा और अंतःविषय नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेगा। अपने योगदान के पीछे की प्रेरणा साझा करते हुए जगजीत सिंह बिंद्रा ने कहा, "आईआईटी कानपुर से प्राप्त उत्कृष्ट शिक्षा ने मेरे पेशेवर करियर की नींव रखी है। यह मेरा सौभाग्य और सम्मान है कि मुझे संस्थान में अपने छोटे से योगदान का अवसर प्राप्त हुआ, ताकि आईआईटी कानपुर भविष्य के छात्र-विद्वानों के जीवन को निरंतर समृद्ध करता रहे।"
 
आईआईटी कानपुर का केमिकल इंजीनियरिंग विभाग संस्थान के स्थापना-कालीन विभागों में से एक है और अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी रहा है। यह नया एनेक्स विभाग की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने तथा अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने की क्षमता को और मजबूत करेगा।

जानिए क्या बोले आईआईटी कानपुर के निदेशक

इस योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा, "श्री बिंद्रा, आईआईटी कानपुर के दीर्घकालिक योगदानकर्ताओं में से एक रहे हैं। संस्थान के शैक्षणिक एवं अनुसंधान विकास के लिये उनके निरंतर समर्थन के लिए हम उनके प्रति कृतज्ञ हैं। इस सुविधा की स्थापना आईआईटी कानपुर में रासायनिक अभियांत्रिकी के क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार तथा अनुप्रयुक्त अनुसंधान के लिए नए अवसरों का सृजन करेगी।"

आईआईटी कानपुर के संसाधन एवं पूर्व छात्र मामलों के अधिष्ठाता प्रो. अमेय करके ने कहा, "श्री बिंद्रा का आईआईटी कानपुर के साथ निरंतर जुड़ाव अत्यंत प्रेरणादायक है। वर्षों से उनके योगदान ने संस्थान को महत्वपूर्ण रूप से सशक्त बनाया है और यह नवीनतम प्रतिबद्धता उनकी स्थायी विरासत को और भी दृढ़ करती है। ऐसे दीर्घकालिक सहयोगों के माध्यम से ही हम ऐसे संस्थान बना पाते हैं जो न केवल आज उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं, बल्कि भविष्य में भी नेतृत्व करते हैं और प्रेरित करते हैं।" 

आईआईटी कानपुर इस योगदान को औपचारिक रूप से मान्यता देते हुए इस सुविधा का नाम दानदाता के नाम पर रखेगा, जिससे उनकी विरासत संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति का स्थायी हिस्सा बन जाएगी। जगजीत सिंह बिंद्रा वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित उद्योग लीडर हैं। उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में अनेक प्रमुख संगठनों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं तथा ल्योंडेलबासेल, लार्सन एंड टुब्रो, एडिसन इंटरनेशनल, ट्रांसओशियन और वर्ली जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के निदेशक मंडलों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उद्योग और शिक्षा के बीच सेतु के रूप में उनका योगदान नई पीढ़ी के इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।  

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