Barabanki News : उमस से बिलबिलाए लोगों को सुकून दे गई आंधी- बारिश, लेकिन मेंथा फसल पर संकट
बारिश संग चली आंधी ने बिजली आपूर्ति का फिर इम्तेहान लिया, जिले भर में आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा। भीषण धूप का साथ दे रही उमस से लोग बिलबिला गए थे। एक दिन पहले तापमान भले ही 42 पार नहीं था लेकिन उमस से लोगो को बेहाल करके रख दिया। पसीने से नहाते लोग बस आसमान ताकते रह गए।
बाराबंकी, अमृत विचार। दिन में न सही पर रात में काले बादलों से घिरे आसमान से बारिश हुई तो उमस के तेवर ढीले पड़ गए। बारिश थमने के बाद सुबह चली तेज हवाओं ने मौसम खुशनुमा बनाए रखा हालांकि दोपहर होने तक तापमान बढ़ गया था। बारिश संग चली आंधी ने बिजली आपूर्ति का फिर इम्तेहान लिया, जिले भर में आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा। भीषण धूप का साथ दे रही उमस से लोग बिलबिला गए थे।
एक दिन पहले तापमान भले ही 42 पार नहीं था लेकिन उमस से लोगो को बेहाल करके रख दिया। पसीने से नहाते लोग बस आसमान ताकते रह गए। बुधवार को आधी रात तक मौसम सामान्य रहने के बाद करीब दो बजे आसमान पर काले बादल छा गए और तेज आंधी ने कुछ देर तक हाजिरी बनाए रखी।
बिजली गुल हाेते ही नींद से जागे लाेगों ने बदला मौसम देखा तो राहत की सांस ली। थोड़ी देर बूंदाबांदी के बाद हुई तेज बारिश ने आमजन को उमस से काफी राहत दिलाई। सुबह होने पर उमस की जगह सुकून भरी सुबह ने चेहरे खिला दिए। 40 के आसपास रहा तापमान 33 डिग्री पर जा लुढ़का। तेज हवाओं ने मौसम काफी देर तक संभाले रखा। हालांकि आंधी बारिश का बिजली आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा।
शहर के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में बत्ती गुल हो गई, जिससे पेयजल का संकट सामने आ गया। ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों गांव अंधेरे से घिर गए। कई जगहों पर 11 व 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन में चली गई, जिससे संबंधित उपकेन्द्रों पर फोन घनघनाने लगे। फाल्ट तलाशने व सही करने में घंटों का समय लगा। उधर बारिश का विपरीत असर मेंथा फसल पर पड़ना तय माना जा रहा है।
आंधी-बारिश में पक्की दीवार गिरी, महिला गंभीर
निन्दूरा : घुंघटेर थाना क्षेत्र के सिंगतरा गांव के पीरनार मजरे में बुधवार रात आई तेज आंधी और बारिश के बाद गुरुवार सुबह एक हादसा हुआ। भोर करीब छह बजे एक पक्की दीवार अचानक भरभराकर गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जानकारी के अनुसार गांव की सरोजनी देवी पत्नी संतोष कुमार रावत घर के बाहर दीवार के पास लेटी हुई थीं। इसी दौरान अचानक दीवार गिरने से वह मलबे के नीचे दब गईं।
घटना के समय उनके पति पशुओं को चारा-पानी दे रहे थे। पत्नी की चीख सुनकर वह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला गया। हादसे में महिला के सिर, दाहिने हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस से उसे सीएचसी घुंघटेर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें सीएचसी बड्डूपुर रेफर कर दिया। लेखपाल रंजीत वर्मा ने बताया कि मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है।
