लखीमपुर खीरी : खाद्यान्न घोटाले में कोर्ट सख्त, पूर्व गोदाम प्रभारी के घर CID ने चस्पा किया कुर्की का नोटिस
पांच करोड़ का है गबन, सीआईडी टीम ने ऑफिसर्स कॉलोनी पहुंचकर कराई मुनादी
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। सीतापुर के चर्चित खाद्यान्न गबन प्रकरण में फरार चल रहे पूर्व गोदाम प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। न्यायालय के आदेश पर गुरुवार को सीआईडी की टीम ने शहर की ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंचकर कुर्की की नोटिस चस्पा कराई और मुनादी भी करवाई।
लखनऊ से आई सीआईडी टीम में शामिल निरीक्षक राजेश कुमार मिश्रा और निरीक्षक राहुल द्विवेदी ने स्थानीय पुलिस बल के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपित पूर्व गोदाम प्रभारी अशोक कुमार शुक्ला लंबे समय से फरार हैं, जिसके चलते न्यायालय ने कुर्की की कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। मामला वर्ष 2021 का है, जब अशोक कुमार शुक्ला सीतापुर जिले के रामकोट क्षेत्र स्थित एफसीआई गोदाम में प्रभारी के पद पर तैनात थे। जांच के दौरान गोदाम के स्टॉक में भारी अनियमितता सामने आई थी। अनियमितता उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ के सहायक प्रबंधक संजीव कुमार की तहरीर पर रामकोट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद से आरोपित गोदाम प्रभारी फरार चल रहे हैं। कई प्रयासों के बावजूद गिरफ्तारी न होने पर अदालत ने उनके खिलाफ कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई भी जारी रहेगी।
यह था मामला
रामकोट इलाके के नेरी कलां में उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम का गोदाम है, जिसमें सरकारी गेहूं, चावल का स्टाक रहता है। साल 2021 में जांच के दौरान स्टाक में गेहूं और चावल के 23 हजार 148 बोरे गायब मिले थे, जिसकी कीमत उस समय चार करोड़ 14 लाख 58 हजार 938 रुपये बताई गई थी, जबकि बाद में मामले का मूल्यांकन करीब पांच करोड़ रुपये तक पहुंचा। इस पर उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के सह प्रबंधक संजीव कुमार ने रामकोट थाने में तत्कालीन गोदाम प्रभारी अशोक कुमार शुक्ला के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
