शाहजहांपुर में पकड़ा गया फर्जी ब्रिगेडियर, ठाट-बाट के साथ वर्दी में पहुंचा शहीद संग्राहलय

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
On

शाहजहांपुर, अमृत विचार। शाहजहांपुर शहीद संग्रहालय में ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर पहुंचे एक फर्जी अफसर को पूर्व सैन्यकर्मियों ने पलभर में ताड़ लिया। चाल-ढाल और हाव-भाव से शक गहराया तो पूर्व सैन्यकर्मियों ने उससे बातचीत शुरू की। कुछ देर में ही फर्जीवाड़े की कलई खुल गई और सेना ने युवक को हिरासत में ले लिया। अब बरेली से एक इंटेलीजेंस टीम शाहजहांपुर पहुंच रही है जो फर्जी ब्रिगेडियर से पूछताछ करेगी। 

फर्जी ब्रिगेडियर बनकर शहीद संग्रहालय पहुंचने वाले युवक की पहचान आर्यन वर्मा के रूप में हुई है। आर्यन रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एन्क्लेव का रहने वाला है। फिलहाल अभी सेना की कस्टडी में है और पूछताछ चल रही है। आर्यन वर्मा बड़े ही ठाट-बाट के साथ ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर पहुंचा था। गाड़ी पर भी सेना का स्टीकर लगा रखा था। शुरुआती पूछताछ के आधार पर जो जानकारी सामने आई है-उसके मुताबिक आर्यन दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। 

मां का सपना था-बेटा आर्मी में अफसर बने
पूछताछ में उसने बताया कि, उसकी मां का ख्वाब था कि मेरा बेटा आर्मी में भर्ती हो जाए। मां को खुश करने के लिए ही वह वर्दी पहन लेता है। हालांकि उसकी इस थ्योरी पर फिलहाल किसी को कोई विश्वास नहीं है। सेना उसकी पूरी कुंडली खंगालने में जुट गई है। इंटेलीजेंस की टीम भी शाहजहांपुर पहुंचकर आगे की पड़ताल करेगी। क्या उसने सिर्फ भौकाल काटने के लिए ही ब्रिगेडियर की वर्दी पहनी थी या इरादा कुछ और था? क्या इससे पहले भी वह सैन्य संस्थाओं में वर्दी पहनकर पहुंचता रहा है? हर पहलू पर जांच होगी। 

हैरान रह गए लोग
ब्रिगेडियर की वर्दी में जैसे ही आर्यन वर्मा शहीद संग्रहालय पहुंचा। पलभर के लिए सब यही सोचने लगे कि ये सेना के अधिकारी हैं। लेकिन अगले ही क्षण उसकी हकीकत खुलकर सामने आ गई। आर्यन ने अपना असली रूप नहीं छिपा सका और पूर्व सैनिकों ने उसकी चाल-ढाल और बातचीत के अंदाज से फर्जीवाड़ा पकड़ लिया।

संबंधित समाचार