मुख्तार अंसारी गैंग : गायब हुये 80 शस्त्र लाइसेंसों के दस्तावेज, जांच के लिए एसआईटी गठित
लखनऊ, अमृत विचार : वाराणसी जोन के डीआईजी ने गाजीपुर के एएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर मुख्तार अंसारी के गैंग आईएस-191 के सदस्यों को जारी किए गए शस्त्र लाइसेंसों और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू करा दी है।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्तार गैंग के सदस्यों द्वारा शस्त्रों के क्रय-विक्रय किए गए विलेखों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें पाया गया कि कलेक्ट्रेट कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा फर्जी तरीके से शस्त्र जारी करने में खेल किया गया है।
डीजीपी की ओर से जारी बयान में बताया गया कि गाजीपुर कलेक्ट्रेट के शस्त्र लिपिक और प्रभारी शस्त्र अधिकारी ने तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना मुख्तार गैंग के 27 सदस्यों को फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनाए और दिये थे। यह खुलासा भौतिक सत्यापन से हुआ है। उन्होंने बताया कि इस तरह 43 व्यक्तियों, जिसमें मुख्तार अंसारी परिवार के पांच सदस्य,गैंग के 11 और फर्जी लाइसेंस धारक 27 व्यक्तियों द्वारा क्रय विक्रय किए गए लगभग 80 शस्त्रों के प्रपत्रों में हेराफेरी हुई है।
इन मामलों की विवेचना के लिए एसआईटी गठित की गई है, जिसमें गाजीपुर कलेक्ट्रेट के उत्तरदाई अधिकारियों और लिपिकों आदि की जांच की जाएगी। सांसद अफजाल अंसारी समेत कई सदस्यों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
यह भी पढ़ें : रायबेरली : ऑटो व बाइक की टक्कर में ऑटो पलटा, पांच घायल, दो गंभीर
