Ram Mandir Trust Meeting : नए महासचिव, 3 ट्रस्टी और पहले CEO पर फैसला आज, चढ़ावा चोरी के बाद बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली दो अहम बैठकों में नए महासचिव, तीन ट्रस्टियों और पहले CEO की नियुक्ति पर चर्चा होगी। इसके साथ ही चढ़ावा चोरी मामले के बाद वित्तीय पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी विवाद के बाद बुधवार को दो अहम बैठकें होने जा रही हैं। इन बैठकों में नए महासचिव की नियुक्ति, ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों को भरने, राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जाएगा।

दो चरणों में होगी ट्रस्ट की बैठक

ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, पहली विशेष बैठक दोपहर तीन बजे राम मंदिर परिसर में आयोजित होगी। इसके बाद शाम चार बजे ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास 'मणिराम छावनी' में नियमित बैठक होगी। विशेष बैठक में चंपत राय के इस्तीफे के बाद खाली हुए महासचिव पद समेत ट्रस्ट की तीन रिक्तियों को भरने पर चर्चा होने की संभावना है। ये रिक्तियां चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद बनी हैं।

पहले CEO की नियुक्ति पर भी होगा मंथन

बैठक में नवगठित मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के प्रशासनिक ढांचे और चयन प्रक्रिया पर भी विचार होने की संभावना है। ट्रस्ट ने 18 जुलाई तक इस पद के लिए आवेदन मांगे थे। सूत्रों के अनुसार, इस पद के लिए करीब 2500 से 5500 आवेदन प्राप्त होने की चर्चा है, हालांकि ट्रस्ट ने आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। बताया जा रहा है कि कई सेवानिवृत्त IAS, IPS अधिकारियों, वरिष्ठ नौकरशाहों और अन्य पेशेवरों ने भी आवेदन किया है।

विशेषज्ञ समिति करेगी आवेदनों का मूल्यांकन

सीईओ चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति आवेदनों की जांच कर उपयुक्त उम्मीदवारों की सिफारिश करेगी। समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और एनआईटी रायपुर के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। अंतिम नियुक्ति का निर्णय ट्रस्ट करेगा।

वित्तीय पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा फोकस

बैठक के दूसरे सत्र में चढ़ावे की गिनती, दान की निगरानी, वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने पर चर्चा होगी। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी पास, सुगम दर्शन पास, आरती पास जारी करने और अन्य प्रशासनिक विषयों पर भी विचार किया जाएगा।

छह जुलाई की बैठक के प्रस्तावों की होगी पुष्टि

बुधवार की बैठक में छह जुलाई को हुई ट्रस्ट बैठक की कार्यवाही की औपचारिक पुष्टि भी की जाएगी। उस बैठक में ट्रस्ट डीड में संशोधन की सिफारिश करने तथा भक्तों के प्रसाद की जिम्मेदारी, मूल्यांकन और निस्तारण के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया था।

ट्रस्ट डीड के अनुसार, 11 स्थायी ट्रस्टियों में से 10 के बीच रिक्तियों को विशेष बैठक में बहुमत से भरा जा सकता है। हालांकि निर्मोही अखाड़े के लिए आरक्षित सीट में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत निर्धारित है।

निर्मोही अखाड़े को लेकर भी आया बयान

निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधि महंत दिनेंद्र दास ने मंगलवार को उन खबरों का खंडन किया, जिनमें उन्हें अखाड़े के पद से हटाए जाने का दावा किया गया था। उन्होंने कहा कि अखाड़े के 19 पंचों में से 13 उनके समर्थन में हैं और कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।

चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी

यह बैठक राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन मामले की जांच के बीच हो रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टीनू यादव समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस कई आरोपियों से नकदी भी बरामद कर चुकी है।

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