CJP ने सरकार के सामने रखी नई शर्त, कहा- 'बातचीत करनी है तो जंतर-मंतर आएं या कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में मिले'

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार होने का दावा, लेकिन नेताओं के आवास पर बैठक से किया इनकार; जेपी नड्डा से हुई पिछली मुलाकात का भी किया जिक्र।

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बुधवार (22 जुलाई) को केंद्र सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वह संवाद के लिए तैयार है, लेकिन किसी मंत्री या नेता के घर अथवा कार्यालय में बैठक नहीं करेगी। पार्टी ने शर्त रखी कि यदि सरकार बातचीत चाहती है तो बैठक जंतर-मंतर या किसी सार्वजनिक और साझा स्थान, जैसे कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित की जाए।

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पहले सरकार यह कह रही थी कि पार्टी बातचीत के लिए इच्छुक नहीं है, जबकि अब सरकार स्वयं संवाद की इच्छा जता रही है। उन्होंने दावा किया कि बुधवार सुबह भी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें सरकार की बातचीत की इच्छा से अवगत कराया, लेकिन पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि वह किसी नेता के निजी आवास पर नहीं जाएगी।

सौरव दास ने कहा कि सरकार को विरोध प्रदर्शन के पहले ही दिन बातचीत शुरू कर देनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी सरकार की ओर से संवाद का प्रस्ताव आया था। उनके अनुसार, सभी पक्ष समझते हैं कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत से ही निकल सकता है।

जेपी नड्डा के आवास पर हुई थी पहली बैठक

सोमवार को केंद्र सरकार और CJP के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई थी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से अपने आवास पर मुलाकात की थी। CJP के अनुसार, पार्टी की ओर से आशुतोष रांका और सौरव दास ने करीब दो घंटे के भीतर दो बार नड्डा से मुलाकात की और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।

आशुतोष रांका ने उस समय कहा था कि उन्हें केवल इतना आश्वासन मिला है कि जेपी नड्डा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करेंगे और बाद में परिणाम से अवगत कराएंगे।

सरकार ने क्या कहा था?

सरकार और CJP के बीच यह पहला सीधा संवाद उस दिन हुआ था, जब संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने भीड़ को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया था।

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव दिए जाने के बाद सुबह 11:50 बजे से प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा शुरू हुई। उन्होंने बताया कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और शाम करीब चार बजे प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा।

नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त कर प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील भी की थी। वहीं, बैठक के बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मंत्री ने उचित स्तर पर चर्चा का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस भरोसा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।

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