कांग्रेस मुख्यालय के घेराव का एलान : लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की
लखनऊ, अमृत विचार : राजधानी लखनऊ में बुधवार को भाजपा की ओर से कांग्रेस मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया गया है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं समेत भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने वीवीआईपी गेस्ट हाउस के सामने प्रदर्शन किया है।
दरअसल, दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास के पास धरना दिया था, जिसके विरोध में आज यानी बुधवार को यूपी भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया है।
यही वजह है कि आज वीवीआईपी गेस्ट हाउस के सामने भारी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता जुटे। जिनका नेतृत्व स्वयं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी कर रहे है। कांग्रेस मुख्यालय की ओर जाने से पहले बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गेस्ट हाउस के सामने ही धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस सपा और राहुल गांधी मुर्दाबाद के नारे लगाये। बीजेपी कार्यकर्ताओं के हाथ में राहुल गांधी मुर्दाबाद, कांग्रेस पार्टी मुर्दाबाद लिखी तख्तियां भी हैं।

बीजेपी कार्यकर्ताओं को बीजेपी कार्यकर्ता भारी संख्या में कांग्रेस मुख्यालय की तरफ बढ़ रहे हैं, हालांकि कार्यकर्ताओं को कांग्रेस मुख्यालय से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोका गया है। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई है।
अजय राय ने लाठी संभाली

लखनऊ में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कांग्रेस मुख्यालय में लाठी लेकर बैठे नजर आए। बीजेपी के कार्यालय घेराव के ऐलान के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी तैयार दिखे। राजधानी में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टकराव के आसार बढ़ गए हैं।
अजय राय को पुलिस ने हिरासत में लिया

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा की तरफ से कांग्रेस कार्यालय का घेराव किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का डर इतना बढ़ गया है कि अब सच का सामना करने से पहले ही थर-थर कांपने लगती है। हम तो कांग्रेस मुख्यालय पर सिर्फ अपने मेहमानों के 'खास स्वागत' की पूरी तैयारी में बैठे थे, पर इस कायर सरकार ने भारी पुलिस बल भेजकर मुझे गिरफ्तार करवा दिया। सुन ले तानाशाही हुकूमत! पुलिस के पीछे छुपकर वार करना बंद करो। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता शांत और सज्जन ज़रूर है, लेकिन जब हिसाब करने पर आएगा तो आने वाली नस्लें याद रखेंगी। जेलों की सलाखें हमारे हौसले नहीं तोड़ सकतीं।
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