Balrampur News: शिक्षक महासंघ ने सांसद को सौंपा ज्ञापन, पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग
बलरामपुर। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद बलरामपुर के पदाधिकारियों ने बुधवार को श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र के सांसद राम शिरोमणि वर्मा को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों से जुड़ी प्रमुख मांगों को संसद में उठाने की अपील की। महासंघ ने वर्ष 2004 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता समाप्त करने और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग की।
2004 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग
महासंघ ने ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2004 से पहले तत्कालीन नियमावली के तहत नियुक्त शिक्षकों पर कई वर्षों बाद टीईटी की अनिवार्यता लागू करना प्राकृतिक न्याय और विधिक सिद्धांतों के विपरीत है। संगठन का कहना है कि उस समय नियुक्ति के लिए जो नियम प्रभावी थे, उनके आधार पर चयनित शिक्षकों पर बाद में नई शर्तें लागू करना उचित नहीं है।
महासंघ ने सांसद से आग्रह किया कि संसद के आगामी मानसून सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर केंद्र सरकार से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त कराने की पहल करें।
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की भी उठाई मांग
ज्ञापन में शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों का हवाला देते हुए पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme - OPS) को बहाल करने की भी मांग की गई। संगठन ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था की तुलना में ओपीएस कर्मचारियों के भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाती है, इसलिए इसे दोबारा लागू किया जाना चाहिए।
सांसद ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
श्रावस्ती के सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि वे इन मुद्दों से केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र में शिक्षकों की मांगों को उठाने का प्रयास किया जाएगा।
