बरेली: कार्यकाल के आखिरी दिन खूब निकाली रकम, अब होगी जांच

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अमृत विचार, बरेली। प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानों को आवंटित और 25 दिसंबर तक निकाली गई धनराशि से कराए गए कार्यों का सत्यापन कराने की बात कही है। इससे कार्यकाल समाप्त होने से पहले ग्राम निधि से रकम निकलवाने वाले प्रधानों और सचिवों की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही है। इसका कारण यह है कि …

अमृत विचार, बरेली। प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानों को आवंटित और 25 दिसंबर तक निकाली गई धनराशि से कराए गए कार्यों का सत्यापन कराने की बात कही है। इससे कार्यकाल समाप्त होने से पहले ग्राम निधि से रकम निकलवाने वाले प्रधानों और सचिवों की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही है।

इसका कारण यह है कि शुक्रवार देर रात तक अफसर ग्राम प्रधानों के डोंगल बंद करने में जुटे रहे तो वहीं, दूसरी तरफ ग्राम प्रधान भी रकम निकासी की जुगत भिड़ाते रहे थे। कुछ प्रधान तो दूसरे दिन भी बिल लेकर उसके भुगतान के लिए चक्कर लगाते नजर आए। बिथरीचैनपुर, नवाबगंज समेत कई अन्य ब्लॉकों में तैनात कई सचिवों से मिलकर प्रधान अब भी सेटिंग बैठाने में लगे हैं। वहीं, दूसरी तरफ शासन के फैसले पर अधिकारी भी गड़बड़ी का अंदेशा होने पर सत्यापन कराएंगे।

बता दें कि 25 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो गया है। इस जिले की समस्त 1195 गांवों में अब प्रधान का पद खाली हो गए हैं। ग्राम प्रधानों की पावर खत्म होने पर ग्राम पंचायत के काम सहायक विकास अधिकारी को सौंप दिए गए हैं। यही अधिकारी ग्राम पंचायत के विकास के लिए काम करेंगे साथ ही लोगों की समस्याओं का निवारण भी करेंगे। अब सरकार के फैसले से उन सभी ग्राम प्रधानों और सचिवों की मुश्किल बढ़ने वाली है जिन्होंने अंतिम दिन रात को खूब रकम निकाली।

हालांकि, बताया यह भी जा रहा है कि ग्राम प्रधानों के डोंगल बंद कराने के लिए देर रात तक मुख्यालय से ब्लॉक स्तर तक कामकाज चलता रहा। लोड की वजह से साइट में दिक्कत भी बनी रही। इससे अधिकारी-कर्मचारी जूझते रहे। रात डेढ़ बजे के बाद काम ने तेजी पकड़ी लेकिन तब तक कई ग्राम प्रधान कार्यकाल समाप्त होने से पहले रकम निकालने में कामयाब हो गए।

बेवसाइट से कई ऑप्शन हटे, बढ़ेगी मुश्किल
20 से 25 दिसंबर की रात 12 बजे तक ग्राम पंचायतवार रकम निकासी का पता लगाना अधिकारियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। कर्मचारियों की मानें तो रात 12 बजे के बाद ही संबंधित वेबसाइट से कई ऑप्शन हटा दिए गए हैं। इसी में ग्राम प्रधानों द्वारा की गई निकासी का ऑप्शन भी है। इस वजह से आंकड़ा जुटाने में काफी जद्दोजहद करनी होगी।

शासन से कोई आदेश नहीं मिले हैं लेकिन जनपद स्तर पर कार्यकाल खत्म होने से पहले एक सप्ताह में खातों से हुई निकासी की जानकारी जुटाएंगे। जिस भुगतान पर संदेह होगा वहां का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा।-धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ

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