आज का इतिहास : गोवा की आजादी के आंदोलन की शुरुआत

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Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। हम सब जानते हैं कि भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी मिली, लेकिन आजाद भारत का एक हिस्सा ऐसा भी था, जहां आजादी के बाद भी कई बरस तक विदेशियों का शासन रहा तथा इसे आजाद होने में 14 वर्ष और लगे। यह हिस्सा था देश का तटीय क्षेत्र गोवा, जो उस समय पुर्तगालियों के कब्जे में था।

दरअसल, 1946 में जब यह साफ हो गया कि अंग्रेज अब भारत में अधिक समय तक अपना शासन नहीं चला पाएंगे, तब राष्ट्रीय नेता यह मानकर चल रहे थे कि अंग्रेजों के साथ-साथ पुर्तगाली भी गोवा छोड़कर चले जाएंगे। हालांकि, स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजवादी विचारधारा में यकीन रखने वाले राममनोहर लोहिया इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते थे। यही वजह थी कि लोहिया ने 18 जून, 1946 को गोवा पहुंचकर पुर्तगालियों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया। इस आंदोलन में हजारों गोवावासी शामिल हुए।

हालांकि, कई साल के संघर्ष के बाद गोवा को 1961 में आजादी मिली। 18 जून 2021 को भारत के महान फर्राटा धावक मिल्खा सिंह का 91 साल की उम्र में निधन हो गया। चार बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मिल्खा ने 1958 राष्ट्रमंडल खेलों में भी पीला तमगा हासिल किया था । उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हालांकि 1960 के रोम ओलंपिक में था जिसमें वह 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे ।

उन्होंने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया । उन्हें 1959 में पद्मश्री से नवाजा गया था । 18 जून 2023 को बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने जकार्ता में इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज भारतीय जोड़ी ने फाइनल में मलेशिया के आरोन चिया और वूई यिक सोह की जोड़ी को 21-17, 21-18 से हराया और सुपर 1000 स्तर की प्रतियोगिता को अपने नाम करने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी।

सात्विक और चिराग इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी है। साइना नेहवाल (2010, 2012) और किदांबी श्रीकांत (2017) ने इससे पहले जकार्ता में एकल खिताब जीते हैं। सात्विक और चिराग की जोड़ी इसके साथ ही देश की पहली जोड़ी बन गयी जिसने सुपर 100, सुपर 300, सुपर 500, सुपर 750 और सुपर 1000 स्तर की किसी ना किसी प्रतियोगिता को जीता। देश दुनिया के इतिहास में 18 जून की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 

1576 : अकबर और महाराणा प्रताप के बीच हल्दीघाटी का युद्ध शुरू हुआ। 
1758 : फ्रेंच जनरल बुस्सी ने निजाम सलाबत जंग से जाने की इजाजत ली, जो भारत से फ्रांस की मौजूदगी का अंत था। 
1812 : अमेरिका के राष्ट्रपति जेम्स मेडिसन ने ब्रिटेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 
1815 : वाटरलू के युद्ध में नेपोलियन बोनापार्ट को हार का सामना करना पड़ा। 
1858 : झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ग्वालियर के निकट लड़ाई के मैदान में ब्रिटिश सेना से लोहा लेने के बाद मारी गईं। 
1941 : तुर्किये ने नाजी जर्मनी के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। 
1946 : गोवा को पुर्तगालियों से आजाद कराने के लिए पहला सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया गया। 
1956 : हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम पारित हुआ। 
1972 : ब्रिटिश यूरोपियन विमान 548 उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार 118 लोगों की मौत। 
1979 : अमेरिका और सोवियत संघ के बीच हथियार नियंत्रण समझौता हुआ। 
1987 : एम एस स्वामीनाथन को पहला वर्ल्ड फूड प्राइज मिला। 
2009 : नासा ने चांद पर पानी की तलाश में विशेष यान भेजा। 
2018 : इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर स्थित टोबा झील में एमवी सिनार बंगुन नामक लकड़ी की एक नौका डूब गई थी। अत्यधिक क्षमता से अधिक भीड़ (ओवरलोडेड) और खराब मौसम के कारण हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 18 को बचा लिया गया था। हादसे में, 164 से अधिक यात्री लापता हो गए थे जिन्हें बाद में मृत मान लिया गया। 
2021 : भारत के महान फर्राटा धावक मिल्खा सिंह का 91 साल की उम्र में निधन ।
2022 : देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए दिए जाने वाले कोविड-19 रोधी टीकों की खुराक की संख्या 196 करोड़ से अधिक हुई। इसी दिन ओलंपिक चैंपियन भालाफेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने फिनलैंड के कुओर्ताने खेलों में स्वर्ण पदक जीता। 
2023 : भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विक और चिराग की जोड़ी ने इंडोनेशिया ओपन जीतकर इतिहास रचा। युगांडा में कांगो सीमा के पास स्कूल पर विद्रोहियों के हमले में 42 लोगों की मौत। 1912 में समंदर में डूबे टाइटैनिक जहाज के मलबे को देखने के लिए पांच अरबपतियों को ले जाने वाली टाइटन पनडुब्बी 18 जून को उत्तर अटलांटिक महासागर में अपनी यात्रा के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गई और उसमें सवार पांचों अरबपति यात्रियों की मौत हो गई। चालक दल के पास चार दिन के लायक ही ऑक्सीजन थी जो तय समय पर खत्‍म हो गई थी। 22 जून को पनडुब्बी का मलबा टाइटैनिक पोत के पास मिला, जिसके बाद पनडुब्बी के स्वामित्व वाली कंपनी ओशनगेट ने हादसे की पुष्टि की। 
2024 : इटली के तट पर दो जहाज डूबे, 11 लोगों की मौत, 64 अन्य लापता। 
2025 : गाजा में राहत सामग्री का इंतजार कर रहे लोगों पर हमले में 51 फलस्तीनी मारे गए।