टेक जानकारी : मोबाइल की बढ़ती उम्र और घटती सुरक्षा
स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग से लेकर खरीदारी, सोशल मीडिया से लेकर निजी दस्तावेजों तक, लगभग हर महत्वपूर्ण जानकारी अब मोबाइल में ही मौजूद रहती है। ऐसे में यदि आप चार-पांच साल पुराने एंड्रॉयड स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो केवल उसका सही ढंग से चलना पर्याप्त नहीं है। यह जानना भी जरूरी है कि वह सुरक्षा के लिहाज से कितना भरोसेमंद है।
दरअसल, हर स्मार्टफोन की एक निश्चित सॉफ्टवेयर सपोर्ट अवधि होती है। एक समय के बाद मोबाइल निर्माता कंपनियां उस डिवाइस के लिए नए एंड्रॉयड अपडेट और सिक्योरिटी पैच जारी करना बंद कर देती हैं। आमतौर पर यह अवधि तीन से पांच वर्ष के बीच होती है। इसके बाद यदि किसी नई सुरक्षा खामी का पता चलता है, तो उसे ठीक करने वाला अपडेट आपके फोन तक नहीं पहुंच पाता। नतीजतन, डिवाइस में मौजूद कमजोरियां स्थायी रूप से बनी रहती हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे पुराने स्मार्टफोन हैकर्स के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं। वे विभिन्न तकनीकों के जरिए उपयोगकर्ताओं की बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी और अन्य संवेदनशील डेटा तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। खासकर तब, जब फोन में नवीनतम सुरक्षा सुरक्षा उपाय मौजूद न हों।
कुछ संकेत यह बताते हैं कि आपका फोन अब जोखिम के दायरे में आ चुका है। यदि लंबे समय से कोई सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिला है, बैंकिंग या यूपीआई ऐप्स ने सपोर्ट बंद कर दिया है या फोन बार-बार हैंग, गर्म अथवा क्रैश होने लगा है, तो यह सतर्क होने का समय है। बैटरी का फूलना या प्रदर्शन में लगातार गिरावट भी डिवाइस की बढ़ती उम्र की ओर इशारा करती है, जो लोग तुरंत नया स्मार्टफोन नहीं खरीद सकते, वे कुछ सावधानियां अपनाकर जोखिम कम कर सकते हैं। अनजान वेबसाइटों और ऐप्स से दूरी बनाए रखें, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय रखें और जहां तक संभव हो, पुराने फोन पर बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान संबंधी ऐप्स का उपयोग न करें।
यदि फोन अब अपडेट प्राप्त नहीं कर रहा है, तो उसे मुख्य डिवाइस की बजाय सेकेंडरी डिवाइस के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। ऐसे फोन का उपयोग संगीत सुनने, वीडियो देखने, ऑनलाइन अध्ययन या अन्य सामान्य कार्यों के लिए किया जा सकता है। तकनीक के इस दौर में केवल फोन का चालू रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सुरक्षित होना भी उतना ही आवश्यक है। इसलिए समय-समय पर अपने स्मार्टफोन की सुरक्षा स्थिति का आकलन करना और जरूरत पड़ने पर उचित निर्णय लेना समझदारी भरा कदम है।
