सीए, सीएस और बीकॉम आनर्स के अलावा भी है करियर 

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Published By Anjali Singh
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सभी बोर्ड्स के परीक्षाफल घोषित होने के बाद यह सवाल उन अधिकतर छात्र-छात्राओं के लिए थोड़ा उलझन भरा बना हुआ है, जिन्होंने 12 वीं कक्षा कॉमर्स स्ट्रीम से पास की है। इसकी एक बड़ी वजह 12 वीं कॉमर्स के बाद कई करियर ऑप्शंस उपलब्ध होना है, जैसे प्रोफेशनल कोर्स चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए), कंपनी सेक्रेटरी (सीएस), बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए), लॉ (बीबीए-एलएलबी) के अलावा बीकॉम (सामान्य और ऑनर्स) आदि। इन कोर्सेज के साथ आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग, फाइनेंस, एकाउंटिंग या अपना स्टार्टअप शुरू करना भी बढ़िया विकल्प बन चुके हैं। इसलिए सबसे जरूरी यह बात समझना है कि आपकी रुचि किस क्षेत्र में है और आपके स्किल का पैमाना क्या है। 

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए)

देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ने और जीएसटी जैसे टैक्स बदलावों के कारण कंपनियों को बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की जरूरत पड़ रही है। आईसीएआई के इस प्रोफेशनल कोर्स के तीन लेवल  फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल हैं। यह प्रोफेशनल कोर्स ऑडिटिंग, कराधान और वित्तीय रिपोर्टिंग पर केंद्रित है, जिसे चार साल में पूरा करके आप किसी बड़ी कंपनी में नौकरी पा सकते हैं या अपना खुद का काम शुरू कर सकते हैं। यह भारत में सबसे अधिक वेतन देने वाले वाणिज्य पाठ्यक्रमों में से एक है।

कंपनी सेक्रेटरी (सीएस)

कंपनी सेक्रेटरी का करियर एक स्मार्ट और प्रतिष्ठित विकल्प है। आईसीएसआई द्वारा विनियमित इस कोर्स के तीन लेवल फाउंडेशन, एक्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल हैं। इसमें लगभग 3 से 5 वर्ष लगते हैं और इसमें अकाउंटिंग, लॉ, टैक्सेशन और कंपनी से जुड़े नियमों की गहरी समझ दी जाती है। इस पद पर काम करने वाला कंपनी के कानूनी और वित्तीय मामले संभालता है। कंपनी के रजिस्ट्रेशन, टैक्स, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, और बोर्ड बैठक जैसे काम अंजाम देता है। सीएस बनकर किसी बड़ी कंपनी में नौकरी करने के अलावा स्वतंत्र रूप से भी अपनी सेवाएं दे सकते हैं।

बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) 

बीबीए एक लोकप्रिय करियर विकल्प है। तीन साल का यह प्रोफेशनल स्नातक कोर्स बिजनेस मैनेजमेंट, मार्केटिंग, फाइनेंस, और ह्यूमन रिसोर्स जैसे क्षेत्रों की अच्छी समझ देता है। यह छात्रों को प्रारंभिक स्तर के प्रबंधकीय पदों या एमबीए कार्यक्रमों के लिए तैयार करता है। इस कारण बीबीए के बाद एमबीए (मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) करना अधिक फायदेमंद होता है। किसी अच्छे कॉलेज या यूनिवर्सिटी से बीबीए या एमबीए करने पर करियर के तमाम अवसर खुलते हैं। एमबीए कोर्स लीडरशिप स्किल्स, स्ट्रैटेजिक थिंकिंग और टीम मैनेजमेंट में दक्ष बनाता है।

बैचलर ऑफ कामर्स (बीकॉम) 

बीकॉम करना भी एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है। तीन साल के इस अंडरग्रेजुएट कोर्स में  एकाउंटिंग, बिजनेस मैनेजमेंट, इकोनॉमिक्स, टैक्सेशन, और फाइनेंशियल सिस्टम जैसे विषयों की गहराई से जानकारी मिलती है। इससे कॉमर्स के बेसिक्स मजबूत होने के साथ करियर की नींव मजबूत होती है। 

बीकाम ऑनर्स 

यह तीन वर्षीय स्नातक डिग्री लेखांकन, वित्त, कराधान और व्यावसायिक कानून जैसे विषयों का ज्ञान प्रदान करती है। यह वाणिज्य में उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रमाणपत्रों का ठोस आधार तैयार करती है। इस डिग्री के बाद औसतन तीन से छह लाख प्रति वर्ष की नौकरी हासिल हो सकती है। लेखाकार, वित्तीय विश्लेषक, कर सलाहकार, निवेश बैंकर के रूप में करियर खोलती है।

बैचलर ऑफ मैनजमेंट स्टडीज (बीएमएस) 

अगर आप मैनेजमेंट फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो बीएमएस भी बढ़िया विकल्प है। तीन साल के इस प्रोफेशनल डिग्री कोर्स को बिजनेस मैनेजमेंट, मार्केटिंग, फाइनेंस, और ह्यूमन रिसोर्स जैसे क्षेत्रों को शामिल करके डिजाइन किया गया है। इस कोर्स में छात्रों को प्रेजेंटेशन, टीमवर्क, लीडरशिप और कम्युनिकेशन स्किल्स भी सिखाई जाती है, इस कारण बीएमएस ग्रेजुएट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। 

लागत एवं प्रबंधन लेखांकन (सीएमए) 

यह इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया का एक व्यावसायिक पाठ्यक्रम है, जिसे तीन स्तरों फाउंडेशन, इंटरमीडिएट तथा फाइनल के रूप में विभाजित किया गया है। इसे पूरा करने में 3-4 साल लगते हैं और यह लागत नियंत्रण, बजट निर्माण और वित्तीय रणनीति पर केंद्रित है।इस कोर्स से कॉस्ट अकाउंटेंट, फाइनेंस कंट्रोलर, बजट एनालिस्ट के रूप में करियर के अवसर खुलते हैं। 

डिजिटल मार्केटिंग

इस शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेशन औसतन अधिकतम एक वर्ष या तीन वर्ष के फुल टाइम अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम  के माध्यम से किया जा सकता है। इसमें एसईओ, सोशल मीडिया, एनालिटिक्स और ऑनलाइन विज्ञापन रणनीतियां शामिल हैं। यह 12वीं कॉमर्स के बाद तेजी से उभरता कोर्स है, जिसमें वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। एसईओ विशेषज्ञ, डिजिटल मार्केटर, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में करियर शुरू कर सकते हैं। 

सांख्यिकी में बैचलर डिग्री

सांख्यिकी में स्नातक की डिग्री तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम है जो सांख्यिकीय सिद्धांत, डेटा विश्लेषण और अनुसंधान विधियों पर केंद्रित है। यह उन छात्रों के लिए आदर्श है जिनके पास मजबूत गणितीय और विश्लेषणात्मक कौशल हैं। गणित और विश्लेषण में निपुण वाणिज्य छात्रों के लिए यह बढ़िया वेतन वाली नौकरियों के प्रमुख विकल्पों में शामिल है। इस कोर्स के बाद डेटा विश्लेषक, सांख्यिकीविद, जोखिम विश्लेषक के रूप में नौकरी के अवसर खुलते हैं।

-मनोज त्रिपाठी

 

 

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