मुरादाबाद: जर्जर हो चुकीं पुलिस चौकियों का होगा जीर्णोंद्धार

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मुरादाबाद, अमृत विचार।  जिले की जर्जर हो चुकीं पुलिस चौकियों के दिन बहुरने की उम्मीद जगी है। प्लान के तहत अब खस्ताहाल होने की कगार पर पहुंच चुके भवनों का जीर्णोंद्धार कराया जाएगा। पुलिस कर्मी अभी तक हर मौसम में जर्जर भवन के नीचे बैठकर काम करने के लिए मजबूर हैं। शासन से संकेत मिलने …

मुरादाबाद, अमृत विचार।  जिले की जर्जर हो चुकीं पुलिस चौकियों के दिन बहुरने की उम्मीद जगी है। प्लान के तहत अब खस्ताहाल होने की कगार पर पहुंच चुके भवनों का जीर्णोंद्धार कराया जाएगा। पुलिस कर्मी अभी तक हर मौसम में जर्जर भवन के नीचे बैठकर काम करने के लिए मजबूर हैं। शासन से संकेत मिलने के बाद जर्जर चौकियों का सर्वे करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सर्वे के बाद आगामी वित्तीय वर्ष में शासन से बजट की मांग की जाएगी।

पीतलनगरी के नाम से पूरे देश में मशहूर मुरादाबाद जिला अब क्राइम के लिए बदनाम होने लगा है। हर साल क्राइम का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। क्राइम कंट्रोल करने के लिए अफसरों की हर जुगत फेल होती जा रही है, जिसकी मुख्य वजह कहीं न कहीं लचर पुलिसिंग भी है।

जर्जर भवनों में संचालित हो रही हैं कई पुलिस चौकियां
अब बात करें जिले में पुलिसिंग की, अपराध नियंत्रित करने के लिए पूरे जिले में 20 थाने हैं, जिसमें एक महिला थाना भी है। महानगर में 10 तो देहात क्षेत्र में 10 थाने हैं। महानगर में करीब 40 पुलिस चौकियां हैं। जबकि देहात में 25 पुलिस चौकी हैं, जबकि अगवानपुर स्थित एक रिपोर्टिंग पुलिस चौकी अलग से है। महानगर को छोड़ दें तो देहात के थानों में पड़ने वाली तमाम पुलिस चौकियां जर्जर हालत में हैं। सालों से जीर्णोंद्धार न होने के कारण चौकियों के भवन कंडम होने की कगार पर पहुंच चुके हैं।

करीब दस साल पहले शासन ने इसको लेकर नाराजगी व्यक्त की थी। इसके बाद भवनों के जीर्णोंद्धार काम शुरू हुआ लेकिन पहले चरण में अधिकतर थाने रहे। नतीजा यह रहा कि तमाम चौकियों का फिर जीर्णोंद्धार नहीं हो सका। इधर अब शासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए चौकियों के जीर्णोंद्धार कराने के आदेश दिए। शासन स्तर पर संकेत मिलने के बाद कंडम हो चुकी चौकियों के भवनों के सर्वे की तैयारी कर ली गई है। आगामी वित्तीय वर्ष में शासन से इसके लिए बजट मांगा जाएगा।

अधिकतर थानों व चौकियों का जीर्णोंद्धार हो चुका है। फिर भी शासनादेश के तहत सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद बजट के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।- प्रभाकर चौधरी, एसएसपी

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