कर्नाटक में गौ-हत्या पर रोक के लिए लाया जाएगा अध्यादेश
बेंगलुरु। कर्नाटक मंत्रिमंडल ने राज्य में गौ हत्या पर रोक के लिए एक अध्यादेश लाने का फैसला किया है। राज्य विधान परिषद ने गौ हत्या विरोधी कानून नहीं पारित किया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के कानून मंत्री जे सी मधुस्वामी ने सोमवार काे कहा कि बूचड़खाने काम करना जारी रखेंगे और बीफ …
बेंगलुरु। कर्नाटक मंत्रिमंडल ने राज्य में गौ हत्या पर रोक के लिए एक अध्यादेश लाने का फैसला किया है। राज्य विधान परिषद ने गौ हत्या विरोधी कानून नहीं पारित किया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के कानून मंत्री जे सी मधुस्वामी ने सोमवार काे कहा कि बूचड़खाने काम करना जारी रखेंगे और बीफ का सेवन निषिद्ध नहीं होगा।
मधुस्वामी ने कहा कि इस संबंध में दशकों से कानून मौजूद है। तथा 13 वर्ष तक की आयु की गायों को मारे जाने पर राेक लागू है। उन्होंने कहा कि हमने केवल इस इरादे से आगे बढ़ाया है कि बूढ़ी गायों काे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि प्रतिबंध भैंसों तक नहीं है। इसलिए बीफ के सेवन पर रोक नहीं लागू है।
उन्होंने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित करने के लिए गोशालाओं का निर्माण कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिन वृद्ध गायों को दूध देने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता है, वे किसान पर बोझ न बनें। उन्होंने कहा कि अध्यादेश को एक दिन में राज्यपाल को भेजे जाने की संभावना है।
कर्नाटक मवेशी वध एवं संरक्षण रोकथाम विधेयक को विधानसभा में पारित कर दिया गया था लेकिन अब तक इसे विधान परिषद मेें पारित नहीं किया गया है। इसलिए येदियुरप्पा सरकार अध्यादेश लाने जा रही है। मवेशियों के वध और संरक्षण के कर्नाटक रोकथाम विधेयक को विधानसभा में पारित किया गया था, लेकिन विधान परिषद में यह पारित नहीं हुआ है।इसीलिए सरकार अध्यादेश लाएगी।
इस बीच पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने एक बयान में साल-दर-साल गायों की संख्या में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गााय भारत की संस्कृति, आस्था और किसानों की आजीविका का मूल है। उन्होंने वर्ष 2019 में हुई मवेशी गणना आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में हर साल 2.38 लाख गायों का वध कर दिया जाता है। उन्होंने कहा,“हरेक दिन के विलंब से 662 गायों का वध कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा,“यदि यह इसी गति से जारी रहा तो वह दिन दूर नहीं जब गायें केवल किताबों तक सिमट कर रह जायेंगी।”
