BSNL : ग्राम पंचायतें होंगी नेट से हाईटेक, बदलेगी गांव की तस्वीर
अमित कुमार पाण्डेय, लखनऊ, अमृत विचार : अब गांव-गांव में इंटरनेट की पहुंच से ग्रामीणों के जरूरी काम मिनटों में होंगे। सरकार राजधानी के गांवों को हाईटेक बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। उत्तर प्रदेश स्पेशल असिस्टेंस योजना के तहत बीएसएनएल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाएं पहुंचाने में जुटा है।
योजना का मकसद ग्राम प्रधानों और ग्रामीणवासियों के लिए सरकारी योजनाओं, आवेदन, प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक सेवाओं को ऑनलाइन सुलभ बनाना है। इसके लिए गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन की बुनियाद रखी जा रही है। अब तक लखनऊ जिले की 162 ग्राम पंचायतों में 642 इंटरनेट कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। इससे पंचायत भवनों के साथ ही स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर भी नेटवर्क से जुड़ रहे हैं। शेष 494 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से कनेक्शन देने की योजना है।
अधिकारियों का दावा है कि आने वाले महीनों में सभी पंचायतें हाईस्पीड इंटरनेट से जुड़ जाएंगी। गांवों में डिजिटल क्रांति इंटरनेट पहुंचने से ग्रामीणों को अब ब्लॉक या तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आय-जाति प्रमाणपत्र, पेंशन और सरकारी योजनाओं के फॉर्म अब पंचायत स्तर पर ही ऑनलाइन भरे जा सकेंगे। ग्राम प्रधान भी योजनाओं की मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग सीधे नेट के जरिए कर सकेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में फाइबर और ब्रॉडबैंड नेटवर्क का विस्तार लगातार किया जा रहा है। पंचायत भवनों में वाई-फाई हॉटस्पॉट और डिजिटल कियोस्क भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि आम लोग भी मुफ्त या रियायती दर पर इंटरनेट का लाभ ले सकें। आत्मनिर्भर गांवों की ओर कदम सरकार का लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाना है।
वर्जन
इंटरनेट के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार से जुड़ी जानकारियां अब सीधे ग्रामीणों तक पहुंचेंगी। ऑनलाइन मार्केट, डिजिटल पेमेंट और ई-लर्निंग जैसी सुविधाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। यह योजना ग्रामीण विकास में मील का पत्थर साबित होगी। गांव-गांव इंटरनेट पहुंचने से न सिर्फ सरकारी कामकाज आसान होंगे, बल्कि युवाओं को नई संभावनाएं भी मिलेंगी।
सुधीर सिंह, जन संपर्क अधिकारी, बीएसएनएल
