Bareilly News : बोगस फर्मों से 1.18 अरब के जीएसटी घोटाले का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
साइबर क्राइम की टीम ने संगठित गिरोह का किया पर्दाफाश, पकड़े गए आरोपी योगेंद्र शर्मा व टिम्पू गाजियाबाद के निवासी
बरेली, अमृत विचार। बोगस फर्म के जरिए 118 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी और आईटीसी फ्राड करने वाले संगठित गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बरेली पुलिस ने आरोपी योगेन्द्र शर्मा और टिम्पू के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल और कूटरचित आधार कार्ड बरामद हुए है। पूछताछ के बाद दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए है।
एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 30 मई 2026 सहायक आयुक्त राज्य कर (जीएसटी) की ओर से थाना साइबर क्राइम पर मुकदमा आईटी एक्ट और 132 जीएसटी एक्ट बनाम पीसी इंटरप्राइजेज तिरुपति धाम सुभाषनगर पंजीकृत कराया था। जिसमें बताया गया था कि अस्तित्वहीन फर्म पीसी इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर द्वारा अन्य फर्मों के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत करीब 20 करोड़ रुपये का फर्जी व्यापार दर्शा दिया। एक करोड़ 28 लाख 55 हजार रुपये का जीएसटी फ्राड किया। एसएसपी के आदेश पर जांच को एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी जीएसटी नोडल एसपी मनीष सोनकर के निर्देशन में इंस्पेक्टर संजय धीर तेजी से कार्रवाई में जुटे। बोगस फर्मों के जरिए एक अरब से अधिक के जीएसटी घोटाले के मामले में टीम ने सटीक सूचना पर मालगोदाम रोड रेलवे लाइन के पास से साजिश में शामिल शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम योगेन्द्र शर्मा निवासी प्रताप विहार थाना विजयनगर, गाजियाबाद और टिम्पु निवासी साहिबाबाद(गाजियाबाद) मूल निवासी कुठरी थाना हटा,दमोह मध्यप्रदेश बताया। उनके के पास से डेबिट, एटीएम कार्ड, कूटरचित आधार कार्ड, लैपटॉप, 6 मोबाइल फोन, चेकबुक, चेक, डायरी एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज, डायरी में करोड़ों रुपये का हिसाब, ईमेल, आईडी व संपर्क नंबर, 117. 18 करोड़ रुपये का एयर पे वालेट से जुड़ी सीएमएस फाइल रिकार्ड, विभिन्न ज्वैलर्स गोल्ड रिफाइनरी के करोड़ों रुपये के गोल्ड इनवॉइस व जीएसटी बिल, फर्जी फर्म राधे ट्रेडर्स, इंडियन, संजीवनी ट्रेडर्स आदि के इनवॉइस एवं बैंक स्टेटमेंट, कई राज्यों के 3 फर्जी रेंट एग्रीमेंट एवं 1 पार्टनरशिप डीड आदि बरामद हुई हैं। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों कोर्ट मे पेश किए गए, जहां से जेल भेज दिया गया।
जालसाजों के रैकेट में कई लोग शामिल
पूछताछ में आरोपी योगेन्द्र शर्मा ने बताया कि वह 2017-2018 से अनमोल, अंकित, शिशिर बंसल के साथ मिलकर सैकड़ों अस्तित्वहीन फर्मों का प्रयोग करते हुए जीएसटी फ्रॉड कर रहा था। गिरोह के सदस्य सुनील, दीपक, साहिल आम लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से फर्जी म्यूल खाते एवं अस्तित्वहीन फर्में खुलवाते थे। पीसी इंटरप्राइजेज जैसी अस्तित्वहीन फर्मों का प्रयोग कर और इंडियन ट्रेडर्स, राधे ट्रेडर्स, सज्जन ट्रेडर्स आदि के म्यूल खातों का प्रयोग करके आईटीसी फ्राड से प्राप्त करोड़ों रुपये की रकम को सर्कुलर ट्रेडिंग कर अवैध तरीके से निकाल लेते है। जिसमें बड़े सर्राफा व्यापारी, फॉरेक्स एक्सचेंज व एयर पे, सीएमएस जैसे डिजिटल वालेट प्लेटफार्म का इस्तेमाल करते थे। मिलने वाले कैश को आपस में बांटने का काम हवाला कारोबारियों व नोटों के सीरीयल नंबर को कोड भाषा में इस्तेमाल करके करोड़ों रुपये की नगदी हिस्से के अनुसार आपस में बांट ली जाती थी।
टीम को 25 हजार इनाम की घोषणा
एसएसपी अनुराग आर्या ने एक अरब से अधिक का जीएसटी घोटाला कर सरकार को भारी राजस्व क्षति पहुंचाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ करने वाली टीम को 25 हजार के इनाम की घोषणा की है। टीम में साइबर क्राइम प्रभारी धनंजय पांडे, एसआईटी मुख्य विवेचक संजय धीर, उप निरीक्षक कपिल राघव, अंकुर तोमर, हेड कांस्टेबल धीरज कुमार, हर्षित वर्मा, कांसटेबल विवेक शामिल हैं।
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