लखनऊ: मध्यांचल निगम ने छह महीने में 11 हजार बिजली चोरों को पकड़ा
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के मध्यांचल निगम ने बिजली चोरी के 11 हजार मामले पकड़े हैं। जिसमें से करीब 8400 पर निगम की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिन पर मुकदमा दर्ज कराया गया है, उन्होंने मौके पर जुर्माना का भुगतान नहीं किया। जिसकी वजह से उनके पर मुकदमा दर्ज …
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के मध्यांचल निगम ने बिजली चोरी के 11 हजार मामले पकड़े हैं। जिसमें से करीब 8400 पर निगम की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिन पर मुकदमा दर्ज कराया गया है, उन्होंने मौके पर जुर्माना का भुगतान नहीं किया। जिसकी वजह से उनके पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मध्यांचल निगम की ओर से यह सभी कार्रवाई छह महीने के अंदर किया गया है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि हमने एक निश्चित समय में बिजली चोरों पर कार्रवाई की है और करेंगे। वहीं विभाग के इस कार्रवाई से बिजली चोरों में हड़कंप मचा है। इस कार्रवाई के बाद से निगम की ओर दावा किया जा रहा है कि बड़े स्तर पर बिजली चोरी रोकी गई और लोगों में इसे लेकर डर बना है। निगम की ओर से बताया गया कि इस दौरान करीब पांच करोड़ की वसूली की गई।
सबसे ज्यादा बरेली और अयोध्या जोन में पकड़े गए बिजली चोर
मध्यांचल निगम ने बिजली चोरों के खिलाफ पूरे 19 जिलों में कार्रवाई की। लेकिन सबसे ज्यादा सफलता निगम को बरेली और अयोध्या जोन में मिली। मध्यांचल निगम के वाणिज्यिक निदेशक बम्हपाल ने बताया कि इन दोनों जोनों में करीब 2500-2500 लोगों को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया।
वहीं, सबसे कम लेसा में बिजली चोरी पकड़ी गई। यहां के ट्रांस गोमती में 650 लोगों को तो सीस गोमती में 850 लोगों को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया। निदेशक वाणिज्यिक बम्हपाल ने बताया कि लेसा के सीस गोमती के पुराने शहर में सबसे ज्यादा बिजली चोरी होती है।
यहां के अमीनाबाद, चौक, अपट्रान, ठाकुरगंज, रेजीडेंसी, राजाजीपुरम, हुसैनगंज में सबसे ज्यादा बिजली चोरी की जाती है। यहां पर करीब 25 फीसद से ऊपर लाइन लॉस है। निदेशक ने सख्त लफ्जों में कहा कि कोई भी किसी पद पर क्यों न हो, यदि बिजली चोरी करता है या उसकी संलिप्तता है तो उसके लिखाई कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी हालही में चार अभियंताओं को बिजली चोरी रोकने के शिथिलता के मामले में मामले में निलंबन की कार्रवाई की गई थी।
बिजली चोरी रोकने के साथ बदले गए खराब मीटर
ब्रम्हपाल ने बताया बीते छह महीने में विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों द्वारा जबर्दस्त काम को अंजाम दिया गया है। इस दौरान पूरे 19 जिलों में करीब दो लाख मीटरों को बदलकर बिलों का संसोधन किया गया। सबसे ज्यादा लखनऊ और बरेली दोनों जोनों में करीब 80-80 हजार मीटरों को बदला गया। वहीं लेसा के पुराने शहर अमीनाबाद, चौक, चौपटिया, अपट्रान, राजाजीपुरम, लाटूस रोड, पानदरीबा, आशियाना, अमीनाबाद, चारबाग, हुसैनगंज सहित कई और जगहोंं पर खराब मीटरों को बदला गया।
