बरेली: बीता साल, गड्ढों में डाला लाखों का बजट, सड़कें फिर भी बदहाल
अमृत विचार, बरेली। साल गुजरने में महज 48 घंटे शेष हैं। पूरे साल लोक निर्माण विभाग सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा करता रहा है। सच तो यह है कि वर्ष 2020 में दो बार गड्ढा मुक्ति अभियान चला पर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आए। गड्ढे …
अमृत विचार, बरेली। साल गुजरने में महज 48 घंटे शेष हैं। पूरे साल लोक निर्माण विभाग सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा करता रहा है। सच तो यह है कि वर्ष 2020 में दो बार गड्ढा मुक्ति अभियान चला पर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आए।
गड्ढे भरने के नाम पर केवल लोक निर्माण विभाग ने ही 2019-20 में डेढ़ करोड़ रुपये की धनराशि खपा दी। अधिकारियों ने सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा कर शासन को रिपोर्ट भेजने की जमीन तैयार कर ली है। जिम्मेदारों ने सड़कों के पैचवर्क के नाम पर बड़ा खेल कर दिया है।
जनपद की जर्जर सड़कों की सेहत सुधारने के लिए हर साल करोड़ों रुपये का बजट आवंटित किया जाता है। इसके बाद कुछ दिनों तक कागजों में आदेश और निर्देश जारी होते रहते हैं। इसके बाद बजट खपा दिया जाता है और सड़कों को कागजों में दुरुस्त कर दिया जाता है। दिसंबर 2019 में लोक निर्माण विभाग को सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के लिए 80 लाख रुपये आवंटित खर्च कर चुका है।
इस बार अक्टूबर माह 2020 में 80 लाख रुपये खर्च कर चुका है। नगर निगम दिसंबर 2019 और 2020 में अप्रैल माह में सड़कों पर पैचवर्क करने के नाम पर 20 लाख रुपये खपा चुका है। मतलब एक करोड़ रुपये गड्ढों पर खर्च हो गए लेकिन शहर की सड़कों के हालात नहीं सुधरे।
शहर में शायद ही कोई सड़क ऐसी होगी जिसमें गड्ढा न हो। जंक्शन रोड, सिविल लाइन पर गड्ढों से लोग परेशान हैं लेकिन अधिकारियों ने कागजों में शहर की सारी सड़कें गड्ढा मुक्त कर दीं।
अभी भी लोक निर्माण विभाग की बरेली-बीसलपुर रोड, बुखारा-फरीदपुर रोड, परसाखेड़ा-चौपुला रोड, रजऊपरसपुर रोड, मिनी बाईपास रोड, पीलीभीत-बरेली मार्ग, बरेली-नैनीताल मार्ग, पुलिस लाइन रोड, सेटेलाइट-श्यामगंज रोड गड्ढे में ही तब्दील हैं। इतना ही नहीं, पुलों के सर्विस रोड भी बनने के कुछ ही दिन बाद खराब हो गई हैं। इसके कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
