अनोखी परंपरा : शेतफल, जहां सांप हैं परिवार का हिस्सा

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Edited By Anjali Singh
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महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित शेतफल गांव अपनी एक अनोखी परंपरा के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इसे अक्सर ‘सांपों का गांव’ कहा जाता है, क्योंकि यहां सांपों और इंसानों का सह-अस्तित्व सदियों से देखने को मिलता है। इस गांव में अधिकांश घरों में सांपों का आना-जाना सामान्य बात मानी जाती है। कई बार वे रसोई, आंगन, अनाज रखने की जगह या बच्चों के पालने के आसपास भी दिखाई देते हैं, लेकिन गांव के लोग घबराने के बजाय उन्हें सम्मानपूर्वक रास्ता दे देते हैं। आश्चर्यजनक रूप से यहां सांपों के काटने की घटनाएं बेहद कम बताई जाती हैं, जिसका श्रेय ग्रामीण आपसी समझ, सावधानी और प्रकृति के प्रति सम्मान को देते हैं।

शेतफल की सबसे अनूठी परंपरा यह है कि जब भी कोई नया घर बनाया जाता है, तो उसकी छत या दीवार के किसी कोने में एक छोटा-सा खाली स्थान जानबूझकर छोड़ा जाता है। इसे स्थानीय लोग ‘देवस्थानम’ कहते हैं। यह स्थान विशेष रूप से सांपों के विश्राम और आश्रय के लिए बनाया जाता है। ग्रामीणों का विश्वास है कि यदि घर में नागदेवता के लिए स्थान रखा जाए, तो परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इसलिए इस परंपरा का पालन आज भी पूरी श्रद्धा के साथ किया जाता है।

गांव के लोगों का मानना है कि सांप केवल वन्यजीव नहीं, बल्कि नागदेवता का स्वरूप हैं। यही कारण है कि यहां सांपों को कभी नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। यदि किसी घर में सांप दिखाई दे जाए, तो उसे मारने के बजाय सुरक्षित रूप से बाहर निकलने दिया जाता है या स्थानीय जानकारों की मदद से उसे खेतों या प्राकृतिक स्थानों तक पहुंचा दिया जाता है। विशेष अवसरों, खासकर नाग पंचमी के पर्व पर ग्रामीण नागदेवता की विधि-विधान से पूजा करते हैं और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन का संदेश देते हैं।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि सभी सांप विषैले नहीं होते और किसी भी जंगली जीव के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। शेतफल की यह परंपरा स्थानीय आस्था, वर्षों के अनुभव और विशेष सामाजिक व्यवहार पर आधारित है। इसलिए इसे सामान्य परिस्थितियों में अपनाने की सलाह नहीं दी जाती। फिर भी यह गांव इस बात का अनूठा उदाहरण है कि यदि मनुष्य प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति सम्मान का भाव रखे, तो सह-अस्तित्व की मिसाल कायम की जा सकती है। यही विशेषता शेतफल को भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे अनोखे गांवों में शामिल करती है।