कॉमनवेल्थ गेम्स : 15 मिनट... और 2 गोल्ड, अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने रचा इतिहास

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Edited By Virendra Pandey
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शुरुआती संघर्ष के बाद अस्मिता डे की दमदार वापसी, फिर हर्ष सिंह के गोल्ड से भारत ने रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेलों) में भारत को 2 गोल्ड मेडल महज 15 मिनट के भीतर मिले हैं। भारत को यह मेडल दिलाने वाले अस्मिता डे और हर्ष सिंह रहे हैं। खास बात यह रही है कि दोनों चैंपियन के दम पर भारत ने कॉमनवेल्थ खेलों में पहली बार यह इतिहास रचा है।

ग्लास्गो : कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेलों) में भारत को 2 गोल्ड मेडल महज 15 मिनट के भीतर मिले हैं। भारत को यह मेडल दिलाने वाले अस्मिता डे और हर्ष सिंह रहे हैं। खास बात यह रही है कि दोनों चैंपियन के दम पर भारत ने कॉमनवेल्थ खेलों में पहली बार यह इतिहास रचा है।

भारत की अस्मिता डे ने राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो स्पर्धा के 48 किलो वर्ग में कनाडा की हेडी क्वाच को नाटकीय मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक जीता। त्रिपुरा की 23 वर्ष की अस्मिता शुरूआत में पिछड़ गई थी और उन्हें पेनल्टी भी लगी। 

उन्होंने हालांकि शानदार वापसी करते हुए स्कोर 1.1 से हराकर किया। चार मिनट के मुकाबले में दोनों में से किसी को निर्णायक स्कोर नहीं मिल सका जिससे मुकाबला गोल्डन स्कोर में गया।

इसमें पहले स्कोर करने वाले को विजेता घोषित किया जाता है। अस्मिता ने सडन डैथ में आक्रामक प्रदर्शन करके जीत दर्ज की। 

हर्ष ने आस्ट्रेलिया के अनुभवी खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण जीता 

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जीत पर खुशी मनाते हर्ष सिंह

 

भारत के हर्ष सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरूष खिलाड़ी बन गए, जिन्होंने आस्ट्रेलिया के अनुभवी जोशुआ कैट्ज को हराकर पुरूषों के 60 किलो फाइनल में शुक्रवार को स्वर्ण पदक जीता।

पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे 23 वर्ष के हर्ष ने खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे जोशुआ के खिलाफ संयम खोये बिना जबर्दस्त खेल दिखाया । 

शुरूआती चरण में कोई भी खिलाड़ी हावी होता नहीं दिख रहा था,लेकिन आखिरी 41 मिनट में हर्ष ने आक्रामक खेल दिखाया। जोशुआ ओशियाना चैम्पियनशिप और आस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कई बार जीत चुके हैं । उन्होंने बर्मिघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में कांस्य जीता था और वह ओलंपियन भी हैं । उनके अनुभव से डरे बिना हर्ष ने काफी संयम के साथ खेला। जोशुआ के माता पिता भी जूडो खिलाड़ी रह चुके हैं । उनके पिता आस्ट्रेलिया की ओलंपिक टीम के कोच रह चुके हैं ।

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