Barabanki News : 78 साल बाद राजा बाग में जली बिजली, डिबरी से LED तक का सफर, बच्चों के चेहरे खिले
बाराबंकी के राजा बाग गांव में आजादी के 78 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची। वर्षों तक डिबरी और लालटेन की रोशनी में जीवन बिताने वाले ग्रामीण अब एलईडी बल्ब की रोशनी में नया सवेरा देख रहे हैं। बिजली आने से बच्चों में खुशी की लहर है और गांव के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है।
बाराबंकी, अमृत विचार। भारत को आजाद हुए करीब 8 दशक हो गए है लेकिन यूपी के बाराबंकी जिले अरुई स्थित राजा बाग गांव में पहली बार अपने घरों में बिजली की रौशनी लोगो ने देखी तो चेहरे खिल उठे। इस गांव में जैसे ही विद्युत आपूर्ति शुरू हुई पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर वर्षों के इंतज़ार के बाद राहत और खुशी साफ नजर आई।
.jpg)
बता दें कि बाराबंकी जिले के सिद्धौर विद्युत उपकेंद्र व विकासखंड की ग्राम पंचायत अरुई स्थित राजा बाग गांव में बीते सप्ताह वह ऐतिहासिक पल आया, जिसका ग्रामीण आजादी के बाद से इंतजार कर रहे थे। करीब 78 वर्षों बाद पहली बार गांव में बिजली पहुंची, तो पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
.jpg)
वर्षों तक मिट्टी के तेल की डिबरी, मोमबत्ती और छोटे सोलर पैनलों के सहारे जीवन गुजारने वाले ग्रामीण अब बिजली की रोशनी में अपना भविष्य संवार रहे हैं। घरों में पंखे और फ्रिज चलने लगे हैं, जबकि दुधिया रोशनी में पढ़ाई करते बच्चों के खिले चेहरे इस बदलाव की सबसे बड़ी तस्वीर बन गए हैं।
वही ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके गांव में भी एक दिन नियमित बिजली पहुंचेगी। इस सौगात के लिए उन्होंने विद्युत विभाग और सरकार का आभार जताया है।
.jpg)
हालांकि, गांव तक रोशनी पहुंचाने का यह सफर आसान नहीं था। इसमें सिद्धौर विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) दयाल चंद्र की व्यक्तिगत पहल और लगातार किए गए प्रयास निर्णायक साबित हुए।
.jpg)
पदभार संभालने के बाद जब उन्हें पता चला कि राजा बाग गांव आजादी के बाद से अब तक मूलभूत बिजली सुविधा से वंचित है, तो उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लिया। इससे पहले भी कई प्रयास सफल नहीं हो सके थे, लेकिन उन्होंने विभागीय स्तर पर विशेष रुचि लेते हुए गांव को एरोज (AROGE) योजना के तहत चयनित कराया।
.jpg)
इसी योजना के अंतर्गत राजा बाग गांव तक नई बिजली लाइन बिछाने की कार्ययोजना तैयार की गई।

अथक प्रयासों के बाद पोल, तार और ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर गांव में विद्युत आपूर्ति शुरू कराई गई। साथ ही सभी इच्छुक ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराए गए।
.jpg)
जेई दयाल चंद्र ने बताया कि हमारे एक छोटे से प्रयास से पूरे गांव का जीवन रोशन हो सका। लोगों के चेहरों पर खुशी देखकर यही महसूस होता है कि यही हमारे काम की सबसे बड़ी संतुष्टि है। राजा बाग गांव में बिजली पहुंचने के साथ ही वर्षों का अंधेरा दूर हो गया है। ग्रामीणों का मानना है कि अब बच्चों की पढ़ाई, किसानों की सुविधा और गांव के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
क्या है एरोज (AROGE) योजना?
एरोज (AROGE) विद्युत विभाग की एक विशेष योजना है, जिसके तहत आजादी के बाद से अब तक बिजली से पूरी तरह वंचित दूर-दराज के गांवों और मजरों को चिन्हित कर वहां नए बिजली पोल, ट्रांसफॉर्मर और लाइन बिछाकर बुनियादी विद्युत ढांचा विकसित किया जाता है।
क्या है एरोज (AROGE) योजना?
एरोज (AROGE) विद्युत विभाग की एक विशेष योजना है, जिसके तहत आजादी के बाद से अब तक बिजली से पूरी तरह वंचित दूर-दराज के गांवों और मजरों को चिन्हित कर वहां नए बिजली पोल, ट्रांसफॉर्मर और लाइन बिछाकर बुनियादी विद्युत ढांचा विकसित किया जाता है।
