Sawan Somwar 2026: गोंडा में सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा पृथ्वीनाथ और दुःखहरणनाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालु
ब्रह्ममुहूर्त से शिवालयों में लगी लंबी कतारें, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजे मंदिर; सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी, कांवड़ियों की भी रही भारी भीड़
गोंडा। सावन के पहले सोमवार पर उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर और बाबा दुःखहरणनाथ मंदिर समेत जिले के प्रमुख शिवालयों में ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए श्रद्धालु लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
मंदिर परिसर में लगातार ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। सावन के प्रथम सोमवार के अवसर पर जिले के अलग-अलग शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा।
बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब
खरगूपुर थाना क्षेत्र स्थित महाभारतकालीन बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना की।
पांडवकालीन बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां स्थापित विशाल शिवलिंग एशिया के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है और इसकी ऊंचाई करीब साढ़े पांच फीट बताई जाती है।
एक धार्मिक मान्यता यह भी है कि श्रद्धालु बिना एड़ी उठाए इस विशाल शिवलिंग पर जल अर्पित नहीं कर सकते। मंदिर की यही विशेषता इसे देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाती है।
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ पर लगातार नजर रखी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की गईं। मंदिर के आसपास लगे मेले में खिलौने, श्रृंगार सामग्री, झूले और अन्य दुकानों पर भी लोगों की काफी भीड़ दिखाई दी।
बाबा दुःखहरणनाथ मंदिर में भी लगी लंबी कतार
नगर क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित बाबा दुःखहरणनाथ मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर जलाभिषेक किया।
मंदिर में भगवान शिव पिंडी स्वरूप में विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार त्रेतायुग में भगवान श्रीराम यहां आए थे और उन्होंने भगवान शिव के दर्शन करने के साथ कुछ समय विश्राम भी किया था।
श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है और भगवान शिव अपने भक्तों के दुखों का निवारण करते हैं। इसी विश्वास के कारण यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है।
जलाभिषेक और प्रसाद की विशेष व्यवस्था
बाबा दुःखहरणनाथ मंदिर प्रशासन ने सावन के पहले सोमवार को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए। जलाभिषेक, पूजा-पाठ, प्रसाद और पेयजल सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।
प्राचीन और आकर्षक शैली में निर्मित मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
सभी प्रमुख शिवालयों में सुरक्षा बढ़ाई गई
गोंडा के दोनों प्रमुख मंदिरों के साथ जिले के अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे, ताकि जलाभिषेक और दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा गोंडा
सावन के प्रथम सोमवार पर गोंडा में आस्था, भक्ति और उत्साह का संगम दिखाई दिया। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की।
सुबह से मंदिरों में उमड़ी भीड़, गूंजते भोलेनाथ के जयकारे और कांवड़ियों की मौजूदगी ने पूरे धार्मिक माहौल को शिवमय बना दिया।
