यूपी सरकार का बड़ा फैसला: संत कबीर टेक्सटाइल पार्क के लिए 251.805 एकड़ जमीन के हस्तांतरण पर रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ

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Edited By Muskan Dixit
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संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना को रफ्तार देने के लिए अमरोहा, बरेली, संत कबीर नगर और बिजनौर की चार सहकारी कताई मिलों की जमीन हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। सरकार ने इस हस्तांतरण पर लगने वाला रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया है।

लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश सरकार ने संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने चार सहकारी कताई मिलों की कुल 251.805 एकड़ भूमि के हस्तांतरण पर देय रजिस्ट्रेशन शुल्क को पूरी तरह माफ कर दिया है। इस संबंध में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।

अधिसूचना के अनुसार यह छूट रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 78-क के तहत प्रदान की गई है। इसके तहत उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड की चार कताई मिलों की भूमि का हस्तांतरण हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के पक्ष में किया जाएगा, ताकि संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क की स्थापना का कार्य तेजी से आगे बढ़ सके।

सरकार द्वारा जारी अनुसूची के अनुसार अमरोहा स्थित सहकारी कताई मिल लिमिटेड की 79.825 एकड़, बहेड़ी (बरेली) स्थित उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल लिमिटेड की 79.58 एकड़, मगहर (संत कबीर नगर) स्थित संत कबीर सहकारी कताई मिल लिमिटेड की 39.49 एकड़ तथा नगीना (बिजनौर) स्थित नगीना सहकारी कताई मिल लिमिटेड की 52.91 एकड़ भूमि इस योजना के लिए हस्तांतरित की जाएगी। इन चारों मिलों की कुल भूमि 251.805 एकड़ है।

सरकार का मानना है कि इस निर्णय से टेक्सटाइल एवं अपैरल क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, औद्योगिक अधोसंरचना विकसित होगी और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

टेबल से समझें समीकरण

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