कानपुर : मर्चेंट नेवी ऑफिसर सागर का शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम  

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Edited By Virendra Pandey
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रूस-यूक्रेन युद्ध में 18 जुलाई को ब्लैक सी में सागर के शिप पर हुआ था ड्रोन अटैक 

कानपुर, अमृत विचार :  रूस-यूक्रेन युद्ध में जान गंवाने वाले शहर के होनहार सागर गुप्ता का शव बुधवार को 19वें दिन शास्त्रीनगर स्थित घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर वृद्ध मां बेसुध होकर गिर पड़ी। पत्नी की चीखों से कोई अपने आंसू नहीं रोक सका। पड़ोसियों ने किसी तरह परिजनों को संभाला। हालांकि सागर की कंपनी का कोई भी अधिकारी नहीं आया। मौजूदा सपा-भाजपा नेताओं से परिजनों ने सागर को शहीद का दर्जा देने की गुहार लगाई। घरवालों ने कहा कि सागर की पत्नी को सरकारी नौकरी व दो करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। 
 
शास्त्रीनगर निवासी स्वर्गीय रूप नारायण गुप्ता का छोटा बेटा 30 वर्षीय सागर मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर था। वह मुंबई की ए-वन नेविगेशन कंपनी में कार्यरत था। बड़ा बेटा मनीष काली मठिया मंदिर के पास प्रसाद की दुकान चलाता है। परिवार में सागर की मां रमा गुप्ता, पत्नी शालू, दो बच्चे गौरी व सात माह का कृष्णा है। 

मनीष ने बताया कि 14 जून को सागर घर से शिप के लिए निकला था। अगले दिल्ली पहुंचने पर शिप के लिए रवाना हुए। सागर की आखिरी बात 17 जुलाई को पत्नी से हुई थी। तब उसने कहा था कि रूस जा रहे हैं। माल लोड करना है। इसके बाद 18 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर शिप पर ड्रोन हमले में सागर की जान गई। परिजनों को इसकी जानकारी 21 जुलाई को मर्चेंट नेवी से पता चली। 23 जुलाई को डीजी शिप ने हमले व सागर की मौत की खबर घरवालों को दी। तब से परिजन शव का इंतजार कर रहे थे।

परिजनों के अनुसार इस बीच कीव में भारतीय दूतावास, डीजी शिप, कंपनी के अधिकारियों से शव भिजवाने की गुहार लगाई। पहले 30 जुलाई फिर उसके बाद शव मिलने की सूचना मिली। तीन अगस्त को खबर मिलने पर मनीष दिल्ली गए। वहां से बुधवार को शव लेकर घर पहुंचे। बड़ा सेंट्रल पार्क पर एंबुलेंस पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। खबर पाकर भाजपा-सपा के पदाधिकारी, अधिकारी, नाते-रिश्तेदार, दोस्त व मोहल्ले के लोग पहुंचे। वृद्ध मां व पत्नी का दर्द देखकर हर कोई अपने आंसू नहीं रोक सका। 

जन्मदिन से पहले आया शव 
सागर के भाई ने बताया कि 15 अगस्त को उसका जन्मदिन था। इस बार वीडियो कॉल कर उसे सरप्राइज बधाई देने का मन था। सोचा था कि परिजनों के साथ कॉल करेंगे और जन्मदिन का केक काटा जाएगा। क्या पता था कि जन्मदिन से पहले उसका शव आ जाएगा। सागर सभी को तोड़कर चला गया।

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