Pilibhit News : हाथ के ऑपरेशन से महिला की मौत! कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह करने पहुंचा परिवार, पुलिस से नोकझोंक
अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, जांच कमेटी से असंतुष्ट परिवार कर रहा हॉस्पिटल सील करने की मांग
पूनम अवस्थी 2 अगस्त को स्टेशन रोड के पास गिरकर घायल हो गई थीं। हाथ फ्रैक्चर हो गया। घरवाले जिला अस्पताल लेकर गए। लेकिन जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध न होने की बात कहकर उन्हें धन्वंतरि अस्पताल भेज दिया गया। तीन अगस्त की रात धन्वंतरि में पूनम के हाथ का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद उनकी मौत हो गई।
अमृत विचार : पीलीभीत के धन्वंतरि अस्पताल में फ्रैक्चर हाथ का ऑपरेशन कराने के कुछ ही घंटों बाद हुई पूनम अवस्थी की मौत पर बवाल मचा है। जांच समिति से असंतुष्ट परिजन सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गए। डीएम-सीएमओ द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद भी आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने दौड़ाकर डीजल की कैन छीनी। इस दौरान पुलिस-परिजनों में नोकझोंक भी हुई। परिजन अस्पताल सील करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग के साथ धरने पर बैठ गए।
शहर की वल्लभनगर कॉलोनी निवासी पूनम अवस्थी 2 अगस्त को स्टेशन रोड के पास गिरकर घायल हो गई थीं। हाथ फ्रैक्चर हो गया। घरवाले जिला अस्पताल लेकर गए। लेकिन जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध न होने की बात कहकर उन्हें धन्वंतरि अस्पताल भेज दिया गया। तीन अगस्त की रात धन्वंतरि में पूनम के हाथ का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद उनकी मौत हो गई।
अस्पताल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
मृतका के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्रा और डॉ. अक्षत पांडे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर चुकी है। हालांकि, मृतका के परिजन जांच समिति से संतुष्ट नहीं। उनका आरोप है कि जांच के दौरान उनके बयान की फोटो तक नहीं खींचने दी गई। समिति के सदस्यों से कई सवाल किए गए, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिला और सवाल टाल दिए गए। इससे परिवार का जांच समिति पर भरोसा और कम हो गया।
परिजनों का आरोप है कि मामले में निष्पक्ष जांच करने के बजाय प्रक्रिया को महज औपचारिकता तक सीमित किया जा रहा है। आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
चेतावनी के बाद भी डीजल लेकर पहुंचे, निगरानी पर भी सवाल!
परिजनों ने कई दिन पहले ही 10 अगस्त को परिवार समेत आत्मदाह की चेतावनी दी थी। सोमवार सुबह वे डीजल की कैन लेकर कलक्ट्रेट पहुंच गए। डीजल की कैन अलग रख दी थी। कुछ देर बाद परिजन दौड़कर कैन उठाने पहुंचे और आत्मदाह की कोशिश करते, इससे पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने कैन कब्जे में ले ली। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच नोकझोंक भी हुई।
परिजन धन्वंतरि अस्पताल सील कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। परिवार का कहना था कि जांच समिति की कार्रवाई से उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं रह गई है।
पहले से आत्मदाह की चेतावनी दिए जाने के बावजूद परिवार का डीजल लेकर कलक्ट्रेट पहुंच जाना प्रशासन और खुफिया तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर गया।
