बरेली: 562 महाविद्यालयों में रिसर्च के सिर्फ सात प्रस्ताव

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अमृत विचार, बरेली। रिसर्च को लेकर महाविद्यालय कितने गंभीर हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अंतर्गत 562 महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं लेकिन सिर्फ सात महाविद्यालयों ने रिसर्च के प्रस्ताव तैयार किए हैं। शासन ने रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के तहत सभी विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों …

अमृत विचार, बरेली। रिसर्च को लेकर महाविद्यालय कितने गंभीर हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अंतर्गत 562 महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं लेकिन सिर्फ सात महाविद्यालयों ने रिसर्च के प्रस्ताव तैयार किए हैं।

शासन ने रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के तहत सभी विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों से प्रस्ताव मांगे थे लेकिन अभी तक प्रस्ताव भेजे नहीं जा सके हैं। जबकि प्रस्ताव को लेकर दो बार तारीख भी बढ़ाई जा सकी है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने सभी महाविद्यालयों से प्रस्ताव मांगे हैं और जल्द ही प्रस्ताव के साथ रिपोर्ट को शासन को भेज दी जाएगी।

शासन ने रिसर्च और डेवलपमेंट योजना की शुरुआत की है। इसके तहत रिसर्च को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जा सके। रिसर्च योजना को दो भागों में बांटा गया है। इसमें वृहद रिसर्च के लिए 15 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। रिसर्च में कौन शिक्षक भाग ले सकता है।

उसके नियम भी निर्धारित किए गए हैं। इस योजना के तहत 15 दिसंबर को शासन के विशेष सचिव योगेश दत्त त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा निदेशक और सभी विश्वविद्यालय के कुल सचिवों को प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे। 17 दिसंबर को संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा हिरेंद्र प्रताप सिंह ने सभी विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी व महाविद्यालयों के प्राचार्यों को प्रस्ताव तैयार कर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए थे।

निर्धारित समय में प्रस्ताव न भेजने पर 28 दिसंबर को एक बार फिर रिमाइंडर भेजकर प्रस्ताव मांगे गए। प्रस्ताव 30 दिसंबर तक भेजने हैं लेकिन इसके बावजूद अभी तक प्रस्ताव नहीं भेजे गए।

संसाधन भी नहीं हैं कई महाविद्यालयों में
सिर्फ सात महाविद्यालयों से प्रस्ताव तो क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के पास भेजे गए। इन प्रस्तावों को भी बिना प्राचार्य के हस्ताक्षर से भेजा गया। इसकी वजह से अधिकांश प्रस्ताव वापस महाविद्यालयों को भेज दिए गए। अब दोबारा प्रस्ताव प्राचार्य के हस्ताक्षर से मांगे गए हैं। इसके बाद इन्हें क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के ऑफिस से निदेशालय को भेजा जाएगा। हालांकि, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने ऑनलाइन प्रोजेक्ट की डिटेल भेजने की बात कही है और उसके बाद हार्ड कॉपी भेजी जाएगी। जानकारी के मुताबिक बरेली कॉलेज से तीन, आंवला के राजकीय महाविद्यालय से एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव तैयार न होने की कई वजह हैं। एक वजह है कि कई महाविद्यालयों में रिसर्च के संसाधन ही नहीं हैं। इसके अलावा जिन महाविद्यालयों में संसाधन हैं तो वहां के शिक्षक रिसर्च नहीं करना चाहते हैं।

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