UP News : यूपी के 8 शहरों के युवाओं के लिए बड़ी पहल, लखनऊ से बरेली-वाराणसी तक खुलेगा रोजगार का नया रास्ता
कौशल प्रशिक्षण के बाद उद्योगों से जुड़ेंगे युवा, पहले चरण में लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर और बरेली शामिल
IIA और UPSDM के बीच 4 बड़े समझौतों से बदलेगा कौशल विकास का मॉडलउत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को आइआइए के औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ा जाए।आइटीआइ और कौशल विकास मिशन के युवाओं को अप्रेंटिसशिप, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की तैयारी, गांव-कस्बों के युवाओं के लिए भी बढ़ेंगे मौके
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरी और कौशल विकास को लेकर एक अहम पहल हुई है। खास बात यह है कि इसका पहला चरण सीधे लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर और बरेली से शुरू होगा। यहां कौशल प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को उद्योगों से जोड़ने की तैयारी है। मतलब साफ है। युवा प्रशिक्षण लेगा, उद्योगों का अनुभव हासिल करेगा, अप्रेंटिसशिप करेगा और फिर रोजगार के लिए तैयार होगा। इसी कड़ी को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आइआइए) के बीच समझौता हुआ है। यह समझौता आइआइए की 218वीं केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में हुए चार महत्वपूर्ण समझौतों में से एक है। बैठक लखनऊ स्थित आइआइए भवन में हुई, जिसमें 100 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सबसे पहले इन 8 जगहों के युवाओं को जोड़ने की तैयारी
यूपीएसडीएम और आइआइए के बीच हुए समझौते के तहत पहले चरण में लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर और बरेली को शामिल किया गया है। यहां यूपीएसडीएम से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को आइआइए के औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। उन्हें अप्रेंटिसशिप, रोजगार, उद्योगों में काम का अनुभव, रोजगार मेले और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। यानी जिस युवा के पास हुनर है, उसे उद्योगों तक पहुंचाने की कोशिश होगी।
आइटीआइ के युवाओं के लिए भी खुलेंगे रास्ते
बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग और आइआइए के बीच भी समझौता हुआ। इसके तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) को आइआइए के चैप्टर नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप, रोजगार, उद्योग भ्रमण, व्यावहारिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञों के व्याख्यान और मार्गदर्शन के अवसर मिलेंगे। आइआइए के रोजगार सेवा पोर्टल के माध्यम से आइटीआइ से प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को सदस्य उद्योगों में रोजगार के अवसरों से जोड़ने की भी व्यवस्था की जाएगी।
नौकरी ही नहीं,अपना काम शुरू करने का रास्ता भी
बैठक में रोजगार के साथ युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। तीसरे समझौते के तहत नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क और वाधवानी फाउंडेशन के एक्सेलेरेट कार्यक्रम के साथ आइआइए का सहयोग आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्यमिता प्रशिक्षण और नए कारोबार को प्रोत्साहित करना है। वहीं, एएफपीओ डेवलपमेंट काउंसिल और आइआइए के बीच हुए चौथे समझौते के तहत उद्यमिता, ग्रामीण औद्योगिकीकरण, निवेश, नवाचार, किसान उत्पादक संगठनों, कौशल विकास, रोजगार और एमएसएमई विकास को बढ़ावा देने पर काम होगा। इसमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के क्रियान्वयन में भी सहयोग किया जाएगा।
प्रमुख सचिव हरिओम बोले- उद्योगों की जरूरत के मुताबिक हो प्रशिक्षण
मुख्य अतिथि हरिओम, आइएएस, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में कौशल विकास के लिए बजट, प्रशिक्षण सुविधाओं और संस्थागत ढांचे को लगातार मजबूत किया है। अब प्राथमिकता कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़कर युवाओं के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रोजगार सुनिश्चित करना है। उन्होंने एमएसएमई से आइटीआइ विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसर देने का आह्वान किया। साथ ही प्रशिक्षण के वित्तीय पक्ष में आवश्यक सरकारी सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों की साझेदारी युवाओं को वास्तविक रोजगार से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
उत्तर प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल बनाने और उन्हें रोजगार व अप्रेंटिसशिप के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है। इसके तहत युवाओं को उद्योगों से सीधे जोड़ने के साथ अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। समझौते के तहत रीजनल DPMU और IIA चैप्टर्स के बीच मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा। युवाओं के लिए मेंटोरशिप, गेस्ट लेक्चर और सॉफ्ट स्किल्स से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि वे तकनीकी प्रशिक्षण के साथ उद्योगों की कार्यप्रणाली और रोजगार की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकें। इस पहल की शुरुआत पहले चरण में लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर और बरेली से की जाएगी।मिशन निदेशक पुलकित खरे , यूपीएसडीएम
हुनर और उद्योग का जुड़ना जरूरी : आइआइए अध्यक्ष
आइआइए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने उत्तर प्रदेश सरकार की कौशल विकास पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास एमएसएमई को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने और प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका है। आइआइए सरकार के साथ मिलकर कौशल विकास को उद्योगों की मांग, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और रोजगार से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। दिनेश गोयल ने चारों समझौतों को सरकार, उद्योग और कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की साझेदारी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का व्यावहारिक रोडमैप बताया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल
यूपी के युवाओं के लिए इस पहल की सबसे बड़ी बात यह है कि कौशल प्रशिक्षण को सीधे उद्योग और रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पहले चरण में शामिल आठ क्षेत्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद युवाओं को इस व्यवस्था से जोड़ने का आधार बन सकते हैं।
बैठक में कौन-कौन मौजूद रहा
बैठक में मुख्य अतिथि हरिओम, आइएएस, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार और पुलकित खरे, आइएएस, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मौजूद रहे। आइआइए की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल, महासचिव दीपक बजाज, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश के. अग्रवाल और इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट नीरज सिंघल उपस्थित रहे। इसके अलावा आइआइए के अनेक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव, उपाध्यक्ष, चैप्टर चेयरमैन और वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया। अंत में आइआइए महिला शाखा की चेयरपर्सन आनंदी अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
