कांवड़ यात्रा ‘समरसता का महापर्व’, CM योगी ने प्रदेशवासियों से की खास अपील

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Edited By Muskan Dixit
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सीएम योगी ने प्रदेशवासियों के नाम लिखी पाती, कहा- श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा ही कांवड़ यात्रा की आत्मा

लखनऊ: सावन के पावन महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम चिट्ठी लिखी है। सीएम योगी ने कांवड़ यात्रा को ‘समरसता का महापर्व’ बताते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति, अनुशासन और लोकजीवन की जीवंत पाठशाला है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति के सूत्र में जोड़ती है।

कांवड़ यात्रा को बताया समरसता का जीवंत उदाहरण

सीएम योगी ने अपनी पाती में कहा कि भारतीय परंपराओं में कुछ यात्राएं केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि वे समाज, संस्कृति, अनुशासन और लोकजीवन की जीवंत पाठशाला बन जाती हैं। श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा भी ऐसी ही अनुपम परंपरा है, जो प्रत्येक वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति से जोड़ती है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिवभक्त की पहचान कांवड़िए के रूप में होती है। भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा इस यात्रा की पहचान है। पैदल चलते श्रद्धालुओं के कदम भले अलग-अलग हों, लेकिन उनका लक्ष्य एक ही होता है—महादेव का जलाभिषेक।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा में जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र और आर्थिक भेद पीछे छूट जाते हैं। यही वजह है कि यह यात्रा समरसता का महापर्व और सनातन संस्कृति के समभाव का जीवंत उदाहरण बनती है।

तप, सेवा और एकता का संदेश देती है कांवड़ यात्रा

सीएम योगी ने कहा कि तप से चरित्र दमकता है, सेवा से समाज संवरता है और एकता से राष्ट्र निखरता है। उन्होंने दिव्यांग शिवभक्तों के समर्पण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कठिनाइयों की चिंता किए बिना कांवड़ लेकर पूरे उत्साह के साथ यात्रा पूरी करने वाले श्रद्धालुओं को देखकर मन श्रद्धा से भर उठता है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास और समर्पण ही कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति है।

कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह कृतसंकल्पित है। कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल और चिकित्सा समेत आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

उन्होंने बताया कि शिवभक्तों के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा की व्यवस्था की गई है और यात्रा मार्गों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ियों की सुगम यात्रा के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन और लगातार निगरानी के माध्यम से यात्रा को सुचारू बनाने के प्रयास किए गए हैं।

सीएम योगी की अपील- कांवड़ यात्रा को बनाएं सेवा का उत्सव

सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि कांवड़ यात्रा को केवल आस्था का पर्व न मानकर इसे सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाएं। उन्होंने पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाने और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कांवड़ यात्रा के मार्ग में एंबुलेंस या विद्यालय का वाहन जा रहा हो, तो उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की छोटी-सी सजगता किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी सहायता साबित हो सकती है।

‘श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा ही कांवड़ यात्रा की आत्मा’

सीएम योगी ने अपनी पाती में कहा कि श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा—यही कांवड़ यात्रा की आत्मा है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भगवान शिव के लोकमंगल के संदेश को आगे बढ़ाने का माध्यम है।

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