ऑपरेशन कन्विक्शन : चोरी के मामले में बांग्लादेशी नागरिक डालिम को 5 साल की सजा,18 हजार का अर्थदंड

Amrit Vichar Network
On

फर्जी पते पर रह रहा था बांग्लादेशी डालिम, सीजेएम कोर्ट ने सुनाया फैसला

गोंडा में घर में घुसकर जेवर चोरी करने के मामले में बांग्लादेशी आरोपी डालिम को अदालत ने दोषी करार देते हुए पांच साल की जेल और 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद यह फैसला आया।

गोंडा, अमृत विचार : नगर कोतवाली क्षेत्र में घर में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण चोरी करने के मामले में अदालत ने बांग्लादेश निवासी अंतरराष्ट्रीय शातिर चोर डालिम को दोषसिद्ध करते हुए पांच वर्ष के कारावास और 18 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गोण्डा अमित सिंह की अदालत ने 21 अगस्त 2026 को सुनाया। 

पुलिस के अनुसार आवास विकास कॉलोनी निवासी गुरुप्रसाद तिवारी ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात चोर उनके घर में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गया है। तहरीर के आधार पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विपुल कुमार को सौंपी गई थी।

विवेचना के दौरान पुलिस ने विशेष सूत्रों, साक्ष्यों के साथ तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाकर घटना में शामिल आरोपी की पहचान की। इसके बाद आठ दिसंबर 2024 को पुलिस टीम ने आरोपी डालिम पुत्र तजम्मुल को सतईपुरवा रोड, रेलवे स्टेशन गोण्डा के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात बेचने से प्राप्त 20 हजार रुपये भी बरामद किए थे।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से गमस्तापुर साहिब, ग्राम चापाई नवाबगंज, बांग्लादेश का निवासी है। उसने कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड में अपना पता ग्राम स्वरूपादाह, पोस्ट हाकिमपुर, उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल दर्ज करा रखा था। पुलिस ने उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चोरी करने वाला शातिर अपराधी बताया है।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया। विवेचक ने साक्ष्य संकलन और विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से लगातार प्रभावी पैरवी की गई।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत नगर कोतवाली के इस मामले में मॉनिटरिंग सेल, लोक अभियोजक देवेंद्र कुमार सिंह, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल बृजेन्द्र प्रताप सिंह तथा नगर कोतवाली के पैरोकार कांस्टेबल ब्रीकेश यादव की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने आरोपी डालिम को धारा 305(ए), 331(4), 317(2) बीएनएस एवं 14 विदेशी अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में दोषसिद्ध करते हुए पांच वर्ष के कारावास और 18 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

यह भी पढ़ें:-Barabanki Flood : सरयू ने मिटा दी गांव की पहचान! कभी गुलजार तपेसिपाह में अब सिर्फ एक परिवार, संजय सेतु पर भी खतरा

 

संबंधित समाचार