यूपी में बाढ़ का कहर: रास्ते बंद, 15 हजार लोग फंसे, 800 दुकानें डूबीं; घर से निकलने से पहले जानें हाल

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, यूपी-एमपी संपर्क टूटा; प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा, संगम क्षेत्र तक पहुंचा पानी

लखनऊ। लगातार हो रही बारिश के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मध्य प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई। शनिवार सुबह नदी के तेज बहाव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कई प्रमुख रास्तों पर आवाजाही रोकनी पड़ी, जबकि रेलवे ट्रैक धंसने से ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ।

आम लोगों के लिए स्थिति इसलिए अहम है क्योंकि चित्रकूट में हाईवे और कई प्रमुख मार्ग बंद होने से हजारों यात्रियों का आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

चित्रकूट में हाईवे बंद, हजारों राहगीर फंसे

मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण शनिवार को चित्रकूट शहर की रफ्तार थम गई। दोपहर करीब 1:30 बजे नदी का पानी झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर कर्वी को जोड़ने वाले पुल के करीब पहुंच गया। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पुल से आवागमन बंद कर दिया।

हाईवे बंद होने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा। कानपुर, प्रयागराज, बांदा और हमीरपुर समेत कई जिलों की ओर जाने वाले और मुख्यालय की तरफ आने वाले करीब 10 से 15 हजार राहगीर रास्ते में फंस गए।

रामघाट की 800 दुकानें पानी में डूबीं

मंदाकिनी की बाढ़ से चित्रकूट का रामघाट और आरोग्य धाम पानी से भर गया। रामघाट के आसपास की करीब 800 दुकानें पूरी तरह डूब गईं। कई लोग अपने घरों में फंस गए हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

कुछ लोग बाढ़ का पानी बढ़ता देख जरूरी सामान लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

चित्रकूट-बांदा और सतना के रास्ते बंद

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए चित्रकूट-बांदा मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सतना जाने वाले मार्ग पर भी आवाजाही रोक दी गई है। सीतापुर शंख चौराहा से वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।

वहीं मानिकपुर-सतना मार्ग पर कारी बराह पुल टूट गया है। इससे इन इलाकों में सड़क संपर्क और आवागमन पर बड़ा असर पड़ा है।

होटलों में फंसे सैकड़ों श्रद्धालु

बाढ़ के कारण चित्रकूट के होटलों में सैकड़ों श्रद्धालु फंस गए हैं। कुछ श्रद्धालु खिड़कियों और छतों से वीडियो बनाकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाते दिखाई दिए। दूसरी ओर गोबरिया में फंसे 50 लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना का बढ़ता जलस्तर

प्रयागराज में भी गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। संगम क्षेत्र में पानी हनुमान जी के मंदिर के मुख्य द्वार और कॉरिडोर की दीवारों तक पहुंच गया है।

प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बचाव और राहत कार्य में जुटा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों को बांटी राहत सामग्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलिया के बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ और कटान प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के बाद बाढ़ राहत शिविर पहुंचकर प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की।

यह भी पढ़ेंः चित्रकूट में मंदाकिनी ने दिखाया रौद्र रूप, हाईवे पुल के ऊपर बहा पानी; बाढ़ ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड

संबंधित समाचार