रक्षाबंधन के बाद ट्रेनों में ‘नो एंट्री’ जैसे हालात! ट्रेन में चढ़ने को मची भगदड़, प्लेटफॉर्म पर छूटे यात्री
अछल्दा स्टेशन पर सुबह से उमड़ी भारी भीड़, 64603 और 65588 ट्रेनें देरी से पहुंचीं; कई यात्री नहीं चढ़ सके, दरवाजों पर लटककर सफर करने को मजबूर
औरैया, अमृत विचार। रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के बाद रविवार को बहने लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ अछल्दा रेलवे स्टेशन पर उमड़ पड़ी। सुबह से ही स्टेशन के प्लेटफार्म पर यात्रियों की लंबी कतारें दिखाई दीं। ट्रेनों के पहुंचते ही यात्रियों में चढ़ने के लिए आपाधापी मच गई।.png)
कानपुर से इटावा जाने वाली मेमू ट्रेन संख्या 64603 अपने निर्धारित समय सुबह 8:50 बजे के बजाय करीब 9:37 बजे अछल्दा स्टेशन पहुंची। आठ डिब्बों वाली ट्रेन पहले से ही यात्रियों से खचाखच भरी थी। भीड़ इतनी अधिक थी कि कई महिला यात्री ट्रेन में चढ़ ही नहीं सकीं। ट्रेन में जगह नहीं मिलने के कारण कुछ यात्रियों को दरवाजों पर लटककर सफर करना पड़ा। वहीं कई यात्री प्लेटफार्म पर ही रह गए और उन्हें अगली ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
इसी तरह टूंडला से कानपुर जाने वाली ट्रेन संख्या 65588 अपने निर्धारित समय सुबह 9:34 बजे के बजाय करीब 9:54 बजे अछल्दा स्टेशन पहुंची। ट्रेन के आते ही यात्रियों की भीड़ उसे पकड़ने के लिए दौड़ पड़ी। आरपीएफ के मनोज कुमार और जितेंद्र ने यात्रियों को सुरक्षित तरीके से ट्रेन में चढ़ाने के लिए काफी मशक्कत की, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण कई यात्री ट्रेन में सवार नहीं हो सके। कुछ यात्रियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
त्योहार के बाद यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए आरपीएफ जवान स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था संभालते नजर आए।
यह भी पढ़ेंः
