जन्माष्टमी पर चमकेंगे फिरोजाबाद के कृष्ण धाम, 7.26 करोड़ से मिलेगी पर्यटन को नई पहचान

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

सात करोड़ रुपये से ब्रज की कृष्ण भक्ति से जुड़े मंदिरों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी

कृष्ण जन्माष्टमी पर फिरोजाबाद के कृष्ण धामों को नई पहचान देने की तैयारी है। धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी

फिरोजाबाद/ लखनऊ, अमृत विचार। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ब्रज की कृष्ण भक्ति और धार्मिक विरासत से जुड़े फिरोजाबाद के आस्था केंद्रों को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल तेज हो गई है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित भगवान श्रीकृष्ण और राधा-कृष्ण से जुड़े पांच प्रमुख धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 7.26 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम कराया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा।

पर्यटन विभाग के अनुसार ग्राम नगला पीरिया स्थित रामकृष्ण धाम मंदिर (गंगा सागर गरियारी) के पर्यटन विकास के लिए करीब 1.10 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है।

नारखी ब्लॉक के ग्राम बड़ा गांव स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर के लिए करीब 1.49 करोड़ रुपये और ग्राम असवाई स्थित ऐतिहासिक श्री राधाकृष्ण मंदिर के पर्यटन विकास के लिए करीब 1.35 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

इसी तरह ग्राम गौंछ स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास पर करीब 1.36 करोड़ रुपये और ग्राम रामनगर स्थित ठाकुर जी महाराज मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास के लिए करीब 1.96 करोड़ रुपये की परियोजना संचालित है।

धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ना प्राथमिकता : जयवीर सिंह

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने का काम कर रही है। ब्रज की पहचान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उनसे जुड़ी समृद्ध परंपराओं से है। यह विरासत केवल बड़े तीर्थस्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित अनेक आस्था केंद्र भी इसका हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद के कृष्ण भक्ति से जुड़े धार्मिक स्थलों का विकास इसी व्यापक विरासत को सामने लाने का प्रयास है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और जिले में आने वाले पर्यटकों को ब्रज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े नए गंतव्यों का अनुभव मिलेगा।

ये भी पढ़ें : 
Janmashtami 2026: बसों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करें, यात्रियों से करें मृदुल व्यवहार; दयाशंकर सिंह के निर्देश

 

 

संबंधित समाचार