श्रीलंका में जारी टेस्ट मैच के बीच इस भारतीय क्रिकेटर ने किया रिटायरमेंट का ऐलान, छोटा लेकिन यादगार रहा सफर

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भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके 38 वर्षीय लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने इंटरनेशनल और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। वह 25 अगस्त को कानपुर सुपरस्टार्ज के लिए अपना आखिरी मैच खेलेंगे। कर्ण ने 97 प्रथम श्रेणी मैचों में 270 विकेट लिए और आईपीएल में चार खिताब जीते।

कानपुर, अमृत विचार। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए तीनों प्रारूपों में खेल चुके लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने 38 साल की उम्र में इंटरनेशनल और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। रेलवे के इस अनुभवी क्रिकेटर ने शनिवार रात कानपुर सुपरस्टार्ज और मेरठ मावेरिक्स के बीच यूपी टी20 लीग मुकाबले के बाद अपने फैसले की जानकारी दी। कर्ण शर्मा 25 अगस्त को लखनऊ लेग में कानपुर सुपरस्टार्ज के लिए अपना आखिरी मुकाबला खेलेंगे। इसके बाद वह कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेला

कर्ण शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही ज्यादा लंबा नहीं रहा, लेकिन उनकी शुरुआत बेहद खास रही। उन्होंने वर्ष 2014 में भारत के लिए एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। 2014 के आईपीएल सीजन में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में मौका मिला। उस सीजन में उन्होंने 7.42 की इकॉनमी से 15 विकेट लिए थे। इसके बाद बर्मिंघम में उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और जो रूट का विकेट हासिल किया। इसके बाद कोलकाता में उन्होंने वनडे डेब्यू किया। यह वही मुकाबला था जिसमें रोहित शर्मा ने 264 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली थी।

विराट कोहली की कप्तानी में किया टेस्ट डेब्यू

कर्ण शर्मा ने इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। यह मुकाबला विराट कोहली की टेस्ट कप्तान के रूप में पहली परीक्षा भी था। कोहली ने रविचंद्रन अश्विन की जगह कर्ण को टीम में शामिल किया था। कर्ण ने अपने टेस्ट डेब्यू में चार विकेट हासिल किए। हालांकि इसके बाद उन्हें भारत की ओर से दोबारा खेलने का मौका नहीं मिला।

करीब दो दशक लंबा रहा घरेलू करियर

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जल्द बाहर होने के बावजूद कर्ण शर्मा का घरेलू क्रिकेट करियर करीब दो दशक तक चला। उन्होंने 2007 में रेलवे के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद वह आंध्र और विदर्भ की ओर से भी खेले और बाद में रेलवे लौट आए। उन्होंने कुल 97 प्रथम श्रेणी मैचों में 270 विकेट हासिल किए। बल्लेबाजी में भी उनके नाम 2,866 रन हैं, जिसमें दो शतक शामिल हैं। इनमें से एक शतक उन्होंने रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ अपने पदार्पण मुकाबले में लगाया था।

IPL में चार बार बने चैंपियन

कर्ण शर्मा आईपीएल में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे और चार बार चैंपियन टीम का हिस्सा बने। उन्होंने 2016 से 2018 के बीच लगातार तीन आईपीएल खिताब जीते। इस दौरान वह क्रमशः सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ चैंपियन बने। उनका आईपीएल करियर भारतीय क्रिकेट में उनकी निरंतरता और बड़े मुकाबलों में उपयोगी प्रदर्शन का गवाह रहा।

बोले- परिवार और क्रिकेट संस्थानों का आभार

संन्यास की घोषणा करते हुए कर्ण शर्मा ने अपने परिवार के साथ बीसीसीआई, रेलवे, यूपीसीए, आंध्र और विदर्भ क्रिकेट संघ समेत उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने उनके क्रिकेट सफर में साथ दिया। उन्होंने कहा कि अब वह क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होंगे और कोचिंग तथा क्रिकेट से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

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