Pilibhit News : पूरनपुर में स्कूलों के आसपास घूम रहे तेंदुआ, खामोश क्यों बैठा वन विभाग! 

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Edited By Ateeq Khan
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तेंदुआ पकड़े जाने तक स्कूल बंद करने की मांग, डर के मारे बच्चों को विद्यालय भेजने से बच रहे माता-पिता 

पिछले कई दिनों से पूरनपुर क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर तेंदुआ देखे जा रहे हैं। शिकार की तलाश में जंगल से बाहर निकले तेंदुओं ने आबादी क्षेत्र में पहुंचकर गन्ने के खेतों, सड़क किनारे झाड़ियों को अपना ठिकाना बना रखा है। ग्राम पंचायत कजरी निरंजनपुर में एक पखवाड़े से तीन-चार तेंदुआ दिखाई दे रहे हैं। 

अमृत विचार (पूरनपुर) : पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में करीब एक पखवाड़े से चार तेंदुआ आबादी क्षेत्र में घूम रहे हैं। सरकारी स्कूलों के इर्द-गिर्द चहलकदमी देखी जा रही है। ग्रामीण दहशत में है। आरोप है कि सूचना के बावजूद वन विभाग तेंदुआ पकड़ने को तैयार नहीं है। तेंदुआ के डर बच्चे स्कूल जाना छोड़ रहे हैं।  पंचायतों के प्रशासक और ग्रामीणों ने मांग उठाई कि तेंदुआ पकड़े जाने तक सरकारी स्कूलों को बंद रखा जाए। 

पिछले कई दिनों से पूरनपुर क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर तेंदुआ देखे जा रहे हैं। शिकार की तलाश में जंगल से बाहर निकले तेंदुओं ने आबादी क्षेत्र में पहुंचकर गन्ने के खेतों, सड़क किनारे झाड़ियों को अपना ठिकाना बना रखा है। ग्राम पंचायत कजरी निरंजनपुर में एक पखवाड़े से तीन-चार तेंदुआ दिखाई दे रहे हैं। 

कजरी में दहशत का आलम 

ग्राम पंचायत प्रशासक यादविंदर सिंह ने बताया कि पंचायत के गांव अंडबोझी और कजरी में संचालित तीन सरकारी और दो निजी स्कूलों के इर्द-गिर्द पिछले तीन दिन से तेंदुआ दस्तक दे रहा है। क्षेत्र में करीब चार तेंदुआ घूम रहे हैं। आम लोगों के साथ विद्यार्थियों को जान का खतरा है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से बच रहे हैं। 

इसके अलावा किसानों ने खेतों पर जाना छोड़ दिया है। क्षेत्र में घूम रहे तेंदुओं की वीडियो आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वन विभाग को भी कई बार सूचना दी। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बीएसए को पत्र दिया है। इसमें तेंदुआ पकड़े जाने तक स्कूल बंद रखने की मांग की है। यहां तक कि डीएम, एसडीएम और वन विभाग के उच्चाधिकारियों को भी सूचना भेजी गई है। 


पिंजरे में कैद हो चुकी मादा 

सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के कई गांव में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ 12 अगस्त को वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हुआ था। बता दें कि एक अगस्त को तेंदुआ ने कजरी निंरजनपुर गोशाला में पहुंचकर बछड़े का शिकार किया था। ग्रामीणों ने उसको पकड़ने की मांग की।

वन विभाग द्वारा तेंदुआ की निगरानी के लिए अलग-अलग शिफ्टों में तीन टीमें लगाई गई थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नौ अगस्त को कजरी निरंजनपुर गोशाला से सटे खेत में तेंदुआ कैद करने के लिए पिंजरा लगाकर शिकार के लिए पिंजरे में बकरी बांधी गई थी।

क्या बोले रेंजर 

सामाजिक वानिकी खुटार के रेंजर दिनेश बडोला ने कहा कि, टीम के साथ मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की गई। एक तेंदुआ का मूवमेंट देखा गया है। उसने कुत्ते का शिकार किया है। तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस करने को टीम लगाई गई है। सटीक मूवमेंट मिलने पर पिंजरा लगाकर तेंदुआ पकड़ा जाएगा। उस क्षेत्र में चार तेंदुआ होने की बात निराधार है। 

 

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