Shravasti Flood : खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची राप्ती, गांवों की ओर बढ़ा बाढ़ का पानी; कटान तेज

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नेपाल की बारिश से कुसुम नदी उफनाई, राप्ती में बढ़ा पानी; खेत जलमग्न, तटवर्ती गांवों में दहशत

नेपाल में हो रही बारिश से कुसुम नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी राप्ती में छोड़े जाने से श्रावस्ती में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लक्ष्मणपुर कोटि बैराज पर राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच नदी के किनारों पर कटान और खेतों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

जमुनहा (श्रावस्ती), अमृत विचार। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों और तराई में हो रही रुक-रुककर बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़-घट रहा है। नेपाल की कुसुम नदी का पानी राप्ती में छोड़े जाने के बाद जमुनहा के लक्ष्मणपुर कोठी स्थित राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। सोमवार शाम जलस्तर 128.00 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 127.70 मीटर से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर है।

राप्ती के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच नदी की लहरों ने तटों पर कटान तेज कर दिया है। खेतों में बाढ़ का पानी पहुंचने के साथ अब राप्ती किनारे बसे गांवों की ओर भी पानी बढ़ने लगा है। इससे कछार क्षेत्र के ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सुबह घटा, शाम को फिर बढ़ा जलस्तर

नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का असर राप्ती नदी पर साफ दिखाई दे रहा है। रविवार रात बैराज पर राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 मीटर को पार कर 128.00 मीटर पहुंच गया था। सोमवार सुबह छह से आठ बजे तक जलस्तर 127.80 मीटर पर स्थिर रहा। इसके बाद सुबह नौ से दस बजे के बीच घटकर 127.75 मीटर और 11 से 12 बजे के बीच 127.70 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि शाम पांच बजे जलस्तर फिर बढ़कर 128.00 मीटर पहुंच गया और इसके बाद स्थिर रहा।

खेतों में घुसा बाढ़ का पानी

जलस्तर बढ़ने के कारण नदी के किनारे स्थित खेतों में पानी भरने लगा है। तटवर्ती गांवों में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गजोबरी, मोहनपुर, भरथा, बंदरा, घाटेपुरवा, सलारू पुरवा, वीरपुर लौकिहा, हसनापुर, कथरामाफी, शिकारी, पिपरहवा, पिपरहवा कोठी, जोगिया, भलुहिया, सेमरानियां, बाबूपुरवा, सुखराम पुरवा, मिशिर पुरवा और भगवानपुर समेत कई गांवों के ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के जलस्तर में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रहा तो खेतों के बाद गांवों में भी पानी प्रवेश कर सकता है। वहीं तेज कटान से तटवर्ती इलाकों में परेशानी और बढ़ गई है।

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प्रशासन अलर्ट

राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला और तहसील प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक टीमें स्थिति की निगरानी कर रही हैं ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। नदी किनारे बसे ग्रामीण भी बाढ़ की आशंका को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं।

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