चित्रकूट में मंदाकिनी ने दिखाया रौद्र रूप, हाईवे पुल के ऊपर बहा पानी; बाढ़ ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड
लगातार बारिश से मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर, रामघाट और रिहायशी इलाकों में घुसा पानी; कई मार्गों पर आवागमन रोका गया
चित्रकूट, अमृत विचार। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी और अन्य नदियों में आई बाढ़ ने शनिवार को लोगों को दहशत में डाल दिया। बताया जाता है कि बाढ़ ने अबतक के सभी रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह अबतक की सबसे भयानक बाढ़ है।
पिछले दो दिनों से हो रही बारिश और मप्र क्षेत्र के पहाड़ों पर हुई बरसात से मंदाकिनी, बरदहा और अन्य छोटी नदियों-नालों के जलस्तर में तेजी से हुई बढ़ोत्तरी ने हालात खतरनाक कर दिए। इससे तीर्थक्षेत्र में रामघाट के किनारे ऊपर तक पानी आने से दुकानदारों को एक बार फिर अपना सामान समेटकर दूसरी जगह जाने की मजबूरी सामने आई। यहां मंदाकिनी नदी के पानी ने आसपास के मुहल्लों में भी घुसना शुरू कर दिया और लोग अपना जरूरी सामान लेकर घर की छतों में चढ़ गए। हनुमान धारा जाने वाले पुल के क्षतिग्रस्त होने की भी बात कही जा रही है।
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उधर, मुख्यालय में तरौंहा में पयस्वनी नदी का पानी घरों के अंदर घुस रहा था। शनिवार दोपहर तक कर्वी को दूसरी जगहों से जोड़ने वाले हाईवे पर बने पुराने पुल के ऊपर से पानी बह रहा था। पुलिस प्रशासन ने अहतियातन दोनों ओर से आवागमन रोक दिया था। इससे दोनों ओर वाहनों और लोगों की भीड़ जमा थी। इसी प्रकार ग्रामीण इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ विकराल रूप धारण कर रही थी।
जानकारी के मुताबिक, सिंचाई विभाग के आंकड़ों में अबतक उच्च बाढ़ लेवल (एचएफएल) से ऊपर 134.85 मीटर रिकार्ड किया गया था। मंदाकिनी का एचएफएल 134.5 मीटर है। शनिवार को मंदाकिनी नदी 135.2 मीटर तक पहुंच गई थी। मंदाकिनी का खतरे का निशान खतरे का 126.5 मीटर है। जाहिर है, शनिवार की बाढ़ ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए। एक 90 वर्षीय वृद्ध और अन्य बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी बाढ़ नहीं देखी।
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