Badaun News : बदायूं में पुलिस हिरासत में दलित युवक राजेश की मौत! परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप, पुलिस बोली-कार्डियक अरेस्ट आया 

Amrit Vichar Network
Edited By Ateeq Khan
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दातागंज में एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान डीजे पर मनपंसद गाने को लेकर हुआ था विवाद

राजेश के भाई वीरेश ने कहा कि, राजेश को जब पुलिस थाने लेकर गई तो वह एकदम ठीक-ठाक था। वीरेश का आरोप है कि पुलिस ने उसे रातभर पीटा। प्रताड़ित किया। उनका आरोप है कि राजेश के शरीर पर पट्टी बांधकर उसे थाने में बिठाया था। हम लोगों को सुबह को उसकी तबीयत बिगड़ने की खबर मिली और बाद में मौत हो गई। 

अमृत विचार : यूपी के बदायूं में पुलिस हिरासत के दौरान एक दलित युवक की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में राजेश को बेरहमी से पीटा गया। रातभर प्रताड़ित किया गया। वहीं, बदायूं की एसएसपी अंकिता शर्मा ने हिरासत में मारपीट के आरोपों को खारिज किया है। एसएसपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कार्डियक अरेस्ट से युवक की मौत हुई है।  


घटनाक्रम दातागंज थाने का है। क्षेत्र के अटसेना गांव में 28 अगस्त को एक धार्मिक अनुष्ठान था। इस दौरान डीजे पर मनपसंद गाना बजाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। भयंकर तरीके से लाठी-डंडे चल गए। दोनों पक्षों में अजीत, राजेश, ह्रदेश, रघुवीर, धर्मवीर समेत अन्य शामिल बताए जा रहे हैं। झगड़े में कुछ लोग घायल भी हो गए। सूचना पर पुलिस गांव पहुंची। विवाद के आरोप में दो युवक-राजेश और धर्मवीर को हिरासत में लेकर थाने गई। बाद में धर्मवीर को छोड़ दिया और राजेश को हवालात में रखा। 

पुलिस के मुताबिक, हिरासत के दौरान राजेश की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल लेकर जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया। राजेश की मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। परिजन अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। 

परिजनों के गंभीर आरोप

राजेश की मौत को लेकर परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेश के भाई वीरेश ने कहा कि, राजेश को जब पुलिस थाने लेकर गई तो वह एकदम ठीक-ठाक था। वीरेश का आरोप है कि पुलिस ने उसे रातभर पीटा। प्रताड़ित किया। उनका आरोप है कि राजेश के शरीर पर पट्टी बांधकर उसे थाने में बिठाया था। हम लोगों को सुबह को उसकी तबीयत बिगड़ने की खबर मिली और बाद में मौत हो गई। 

राजेश करीब 40 साल के थे। पति की मौत से उनकी पत्नी शीतल टूट चुकी हैं। गम, गुस्सा और बेबसी के बीच अपने पति की मौत पर सवाल उठाती हैं। उनका आरोप है कि जब पुलिस मेरे पति को घर से लेकर गई थी तो वही सही-सलामत थे। फिर आखिर थाने में ऐसा क्या हो गया कि अचानक इतनी तबीयत बिगड़ गई कि उनकी मौत हो गई?

विवाद में शामिल आरोपी भी सहमे 

राजेश की मौत से गांव में सन्नाटा है। विवाद में शामिल लोग भी सहमे हुए हैं। शायद ही किसी को अंदाजा हो कि इतने छोटे से झगड़े में इस तरह से किसी व्यक्ति की मौत हो जाएगी। उधर, परिजनों के आरोप घटना पर सवाल खड़े कर रहे हैं। दबी जुबान ग्रामीण के बीच से भी यही सवाल उठ रहे हैं? 

शाहजहांपुर का रहने वाला है परिवार 

राजेश का परिवार मूलरूप से जिला शाहजहांपुर का है। जैतीपुर थाना क्षेत्र के खरिया गांव में उनका पुश्तैनी घर था। करीब 40 साल पहले राजेश के पिता शहजादे दातागंज क्षेत्र में अपनी ससुराल में आकर बस गए थे। राजेश चार भाई हैं। मृतक के चार बच्चे हैं। दो बेटे और दो बेटियां। राजेश की मौत ने परिवार को झकझोर दिया है। पिता की मौत के बाद पत्नी चार बच्चों की परवरिश कैसे करेंगी? 
 
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि राजेश को कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हिरासत के दौरान मारपीट या अभद्रता का कोई तथ्य नहीं मिला है। मामले की विस्तृत जांच कर विधिक कार्यवाही की जाएगी। 

 

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