नेपाल में बाढ़ का कहर, 114 भारतीयों समेत 187 विदेशी नागरिकों का रेस्क्यू; 420 पर्यटकों से संपर्क नहीं

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा में भारी तबाही, भारत ने 24 घंटे सक्रिय किया कंट्रोल रूम; राहत-बचाव अभियान जारी

काठमांडू। नेपाल में लगातार भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। नदियों के बढ़े जलस्तर, भूस्खलन और सड़क संपर्क बाधित होने के बीच राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक अब तक 114 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) की ओर से साझा की गई सूची में 15 देशों के कुल 187 लोगों को बचाए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें भारत के अलावा बेल्जियम, बुल्गारिया, जर्मनी, चीन, इटली, माल्टा, ओमान, पुर्तगाल, रूस, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, तुर्की और अमेरिका के नागरिक शामिल हैं। बचाए गए लोगों में भारत के 114, चीन के 27 और दक्षिण कोरिया के 20 नागरिकों की संख्या सबसे अधिक है।

420 पर्यटकों से अब भी संपर्क नहीं

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने पर्यटन पुलिस और एनडीआरआरएमए के हवाले से बताया कि 29 अगस्त 2026 को दोपहर 1:30 बजे तक 184 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया गया है। इसके अलावा तीन पर्यटक अधिकारियों के संपर्क में हैं, जबकि 420 पर्यटकों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है।

आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे, घायल या किसी अन्य तरह से प्रभावित पर्यटकों और यात्रियों की तलाश की जा रही है। प्रशासन की टीमें उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हैं।

26 अगस्त की बाढ़ से कई जिलों में तबाही

जानकारी के मुताबिक 26 अगस्त 2026 को रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा जिलों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ के बाद स्थिति बिगड़ी। नेपाल का संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नेपाल पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां सरकारी विभागों, सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं।

बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ लापता पर्यटकों और यात्रियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भारत की नजर

नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक, तीर्थयात्री, कारोबारी और अन्य नागरिक आते-जाते हैं। ऐसे में बाढ़ के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार भी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

विदेश मंत्रालय ने नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए 24 घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। इसका उद्देश्य प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है।

विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाने में राजनयिक मिशनों से समन्वय

नेपाल पर्यटन विभाग के अनुसार, आपदा से प्रभावित विदेशी नागरिकों के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए संबंधित देशों के राजनयिक मिशनों के साथ भी संपर्क और समन्वय किया जा रहा है।

28 अगस्त को नई दिल्ली स्थित सिंगापुर उच्चायोग के फर्स्ट सेक्रेटरी (राजनीतिक) अब्राहम टैन और न्यूजीलैंड उच्चायोग की काउंसलर (प्रबंधन) एवं काउंसल जेनी डू टॉयट ने नेपाल पर्यटन बोर्ड का दौरा किया। उन्होंने सिंगापुर और न्यूजीलैंड के उन नागरिकों की जानकारी जुटाने में मदद मांगी, जिनसे अभी संपर्क नहीं हो पाया है।

काठमांडू-मुगलिंग सड़क मार्ग चालू

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार काठमांडू-मुगलिंग सड़क मार्ग पूरी तरह चालू हो चुका है और इस पर सामान्य आवाजाही हो रही है। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा में बाढ़ से प्रभावित कुछ सड़क हिस्सों को छोड़कर देश के अन्य हिस्सों में सड़क नेटवर्क सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक जोखिम न लें।

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