जानिए साल 2021 कैसा रहेगा आपके लिए
कल यानि 1 जनवरी से साल 2021 का आगाज हो रहा है। ऐसे में लोगों को जानने की अभिलाषा रहती है कि उनकी राशि नए साल में उनके जीवन में क्या बदलाव लाएगी। हालांकि पुष्य नक्षत्र के महायोग से नववर्ष का आरंभ हो रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित सुमित कुमार मिश्र ने बताया कि ग्रहों के …
कल यानि 1 जनवरी से साल 2021 का आगाज हो रहा है। ऐसे में लोगों को जानने की अभिलाषा रहती है कि उनकी राशि नए साल में उनके जीवन में क्या बदलाव लाएगी। हालांकि पुष्य नक्षत्र के महायोग से नववर्ष का आरंभ हो रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित सुमित कुमार मिश्र ने बताया कि ग्रहों के गोचर और सितारों की स्थिति के आधार पर कुछ भविष्यवाणियां की जाती हैं।
साल 2021 में राहु केतु का प्रभाव सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है। काल पुरुष कुंडली के दूसरे घर में राहु की मौजूदगी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं, वित्तीय अपराधों को बढ़ावा देने का काम करेगी। आठवें घर में केतु खतरे की स्थिति का संकेत है। रोजगार को नुकसान और सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा दे सकता है।
वृषभ और वृश्चिक राशि राहु-केतु के लिए मजबूत राशियां मानी जाती हैं। सितंबर 2020 से शुरू हुआ इनका प्रभाव मार्च 2022 तक रहेगा। यानी 18 महीने आर्थिक मंदी, नौकरी को नुकसान, उद्योग धंधे और बैंकों के ठप रहने की संभावना बनी रहेगी। मिथुन, धनु और वृश्चिक राशि के जातकों को वर्ष 2021 की पहली तिमाही में अपने स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि इस वर्ष चंद्रमा पुष्य नक्षत्र और लग्न हस्त नक्षत्र में गोचर करने जा रहा है।
हालांकि वित्तीय और वैवाहिक जीवन के लिए ये वर्ष बेहद ही भाग्यशाली रहने वाला है। बुध सूर्य के साथ चौथे घर में जा रहा है जो कि लोगों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आ सकता है। करियर और स्वास्थ्य के लिहाज से लोगों को बड़ा लाभ होगा।
जानिए क्या कहती है आपकी राशि:
मेष राशि : यह वर्ष शुभ अशुभ मिश्रित फल प्रदान करने वाला होगा। कुछ परेशानियों के साथ भाग्य उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। पिता से लाभ, राज सम्मान के मार्ग में सफलता प्राप्त होगी। लाभ की स्थितियां बनेंगी। धार्मिक कार्यों में कुछ अरुचि उत्पन्न होगी। गुप्त शत्रुओं से भाग्यवश विजय प्राप्ति के योग हैं। कभी-कभी उन्नति के मार्गों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। अपने विवेक से कार्य करें। पारिवारिक सदस्यों से मतभेद की स्थितियां बन सकती हैं। पुरातत्व तथा विशेष कार्य के समाप्ति का लाभ हो सकता है। सामाजिक क्षेत्रों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आवेशित होने से बचें। सेहत का ख्याल रखें।
उपाय : श्री हनुमान जी की उपासना करें
वृषभ: यह वर्ष सामान्य सफलतापूर्वक सिद्ध होगा। कुछ परेशानियों के साथ आयु की वृद्धि होगी। पिता से संबंधों में कुछ मतभेद रहेगा। धार्मिक कार्यों में अरुचि उत्पन्न होगी। मान सम्मान में कुछ कमी आएगी। संतान पक्ष में भाग्यवश सुख प्राप्त होगा। यश पद प्रतिष्ठा की कमी महसूस कर सकते हैं। पुरातत्व शक्ति का अच्छा लाभ प्राप्त होगा। वाणी के नियंत्रण से अपने कार्यों में प्रगति प्राप्त करेंगे। अपनी बौद्धिक क्षमता के कारण लाभ प्राप्ति के योग प्राप्त होंगे। आमदनी की नवीन साधन प्राप्त होंगे।शारीरिक श्रम के प्रभाव से जीवन उपयोगी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। धन की वृद्धि के लिए प्रयासरत रहेंगे।
उपाय: माता भगवती श्री दुर्गा जी की उपासना करें
मिथुन: यह वर्ष शुभ अशुभ मिश्रित फल प्रदान करने वाला होगा। माता का सुख प्राप्त होगा। सामाजिक मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। पिता से सहयोग की प्राप्ति होगी। दैनिक जीवन में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। पुरातत्व संबंधी हानियों का सामना तथा अपने विवेक से कार्य न करने से आपको नुकसान होगा। शारीरिक कमजोरी महसूस कर सकते हैं। आय से अधिक व्यय मानसिक चिंताओं का कारण बनेगी। पति पत्नी के बीच मतभेद की स्थितियां बन सकती हैं। रोजगार तथा व्यवसाय के संबंध में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवन की दैनिक दिनचर्या अस्त-व्यस्त होगी। जीवन में अनावश्यक क्लेश का कारण बन सकता है। एकांत वासी रहने का प्रयास करेंगे।
उपाय: भगवान श्री गणेश जी की उपासना करें
कर्क: यह वर्ष आपके लिए सामान्य सफलता दायक होगा। भाई बहन के सहयोग से आपको सफलताएं प्राप्त होंगी। उन्नति और यश प्राप्त करने के लिए प्रशस्त होंगे। पति पत्नी के बीच मतभेद की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। भाग्य उन्नति की स्थितियां बनेंगी। धार्मिक कार्यों में कुछ कमी का अनुभव प्राप्त करेंगे। भाग्य और कार्यों में कुछ परेशानियां महसूस करेंगे। आमदनी के मार्ग में यथा अनुकूल सफलताएं प्राप्त होंगी। शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। आप अपना एक अलग प्रभाव स्थापित करेंगे। बाहरी स्थानों से संबंध तथा यात्राएं होंगी। खर्चों में वृद्धि होगी। साहस और पराक्रम की वृद्धि होगी भाई बहनों में कुछ वैमनस्यता युक्त शक्ति प्रबल करेंगे। अपने उत्तर दायित्व की पूर्ति करेंगे।
उपाय: भगवान श्री शिव जी की आराधना करें
सिंह: यह वर्ष शुभ अशुभ मिश्रित फल कारक सिद्ध होगा। संतान पक्ष से कुछ परेशानियों के साथ मन खिन्न भिन्न रहेगा। शत्रुओं से कुछ परेशानियों का अनुभव प्राप्त हो सकता है। पुरातत्व तथा अपने कार्यों से लाभ प्राप्त करेंगे। जीवन की दैनिक दिनचर्या में कुछ अमरिता का ढंग रहेगा। माता पिता से कुछ मतभेद की स्थितियां बनेंगी। पारिवारिक उत्तरदायित्व की पूर्ति होगी। रोजगार के मार्गों में आने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अपने विवेक से कार्य करने पर परेशानियों का हल स्वत: निकल जाएगा। आमदनी के मार्ग में श्रमानुकूल लाभ और सफलता प्राप्त होगी पारिवारिक सुख शांति बनी रहेगी। मकान, वाहन का सुख प्राप्त होगा। समाज में मान सम्मान पद प्रतिष्ठा का लाभ प्राप्त होगा। आवेशित कर्म से सतर्क रहें। सेहत का ध्यान रखें।
उपाय: भगवान श्री सूर्य देव की आराधना करें
कन्या: यह वर्ष आपके लिए सामान्य शुभ अशुभ मिश्रित फल कारक सिद्ध होगा। भूमि, भवन, मकान इत्यादि का सुख प्राप्त होगा। माता से अच्छा लाभ प्राप्त होगा। संतान पक्ष से मतभेद की स्थितियां बनेंगी और आपसी मनमुटाव होगा। निर्णायक क्षमता में कमी तथा बुद्धि भ्रम की समस्याएं प्राप्त होंगी। पति पत्नी से अच्छा सुख और सहयोग प्राप्त होगा। रोजी रोजगार में उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। भाग्य उन्नति में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। धर्म के पालन में कुछ समस्याएं उत्पन्न होंगी। परंतु सामाजिक दृष्टिकोण से आप भाग्यवान और कार्य कुशल समझे जाएंगे। आप व्यर्थ की झगड़े झंझटों से बचें। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: भगवान श्री गणेश जी की उपासना करें
तुला: यह वर्ष आपके लिए श्रम संघर्ष के साथ सफलतादायक सिद्ध प्राप्त होगा। व्यर्थ की अनावश्यक खर्चों में वृद्धि प्राप्त होगी। भाई बहनों से कुछ मतभेद व वैमनस्य की स्थितियां बनेंगी। माता के सुख सहयोग में कुछ कमी महसूस करेंगे। भूमि, भवन, मकान इत्यादि में कुछ परेशानियां, पारिवारिक अशांति का वातावरण रहेगा। गुप्त नीतियों से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। जीवन की दैनिक दिनचर्या कुछ अस्त-व्यस्त रहेगी। साहस और पराक्रम में विशेष सफलता प्राप्त होगी। कुछ वैमनस्यता युक्त से रूप से भाई बहनों में मतभेद की स्थितियां बनेंगी। संतान पक्ष में सुख सहयोग प्राप्त होगा। वाणी में कुछ उत्तेजना रहेगी। जिसके कारण आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
उपाय: माता भगवती श्री दुर्गा जी की पूजा करें
वृश्चिक: यह वर्ष सामान्य सफलता दायक सिद्ध होगा। आमदनी के मार्ग में विशेष सफलता प्राप्त होगी। कभी-कभी विशेष धन का लाभ प्राप्त होगा। परिवारिक सदस्यों का अच्छा सुख और सहयोग प्राप्त होगा। भाई बहनों के सुख संबंधों में कमी महसूस कर सकते हैं। पत्नी तथा पति में कुछ मतभेद और क्लेश की स्थितियां बन सकती हैं। साहस और पराक्रम तथा परिश्रम से धन की वृद्धि और धन का संग्रह भी आप पूर्ण रुप से करेंगे। माता से प्रेम और सौहार्द्र बढ़ेगा। पुरातत्व तथा विशेष लाभ की प्राप्ति के योग बन रहे हैं।
उपाय: श्री हनुमान जी की उपासना करें
धनु: संतान पक्ष से कुछ परेशानियों के साथ मन खिन्न भिन्न रहेगा। शत्रुओं से कुछ परेशानियों का अनुभव प्राप्त हो सकता है। पुरातत्व तथा अपने कार्यों से लाभ प्राप्त करेंगे। जीवन की दैनिक दिनचर्या में कुछ अमरिता का ढंग रहेगा। माता पिता से कुछ मतभेद की स्थितियां बनेंगी। पारिवारिक उत्तरदायित्व की पूर्ति होगी। रोजगार के मार्गों में आने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अपने विवेक से कार्य करने पर परेशानियों का हल स्वत: निकल जाएगा। आमदनी के मार्ग में श्रमानुकूल लाभ और सफलता प्राप्त होगी पारिवारिक सुख शांति बनी रहेगी। मकान, वाहन का सुख प्राप्त होगा। समाज में मान सम्मान पद प्रतिष्ठा का लाभ प्राप्त होगा। आवेशित कर्म से सतर्क रहें। सेहत का ध्यान रखें।
उपाय: भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना करें
मकर: यह वर्ष शुभ अशुभ मिश्रित फल प्रदान करने वाला होगा। भाग्य उन्नति में कुछ कमी महसूस करेंगे। धर्म के पालन में कुछ समस्याएं उत्पन्न होंगी। शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं एवं मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है। भाई बहनों का कुछ सहयोग प्राप्त होगा। संतान पक्ष से मन प्रसन्न रहेगा। बौद्धिक विकास होगा। और भाग उन्नति के कुछ अवसर प्राप्त होते नजर आएंगे। अनावश्यक खर्चों में कुछ विशेष वृद्धि होगी। धन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक चिंताएं की वृद्धि होगी। शत्रुओं पर विजय प्राप्ति से अपना प्रभाव आप बनाकर रखेंगे। धार्मिक कार्यों को करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
उपाय: प्रत्येक शनिवार को पीपल वृक्ष के पास तिल के तेल का दीपक जलाएं तथा श्री हनुमानजी की उपासना करें
कुंभ: यह वर्ष सामान्य फल कारक सिद्ध होगा। पुरातत्व संबंधी तथा किसी विशेष फल की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। धन तथा शक्ति का लाभ और धन संग्रहण की क्षमताओं से कमी आएगी। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। आमदनी के मार्ग में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। बाहरी संबंधों में कुछ समस्या उत्पन्न हो सकती है। माताजी से कुछ मतभेद की स्थितियां बनेंगी। कभी-कभी धनी के पक्ष में अच्छा अवसर प्राप्त होगा। श्रमानुकूल लाभ वृद्धि होगी। संतान पक्ष से शक्ति और सहयोग प्राप्त होगा। जीवन की दैनिक दिनचर्या अव्यवस्थित होगी। परिवारिक उत्तरदायित्व की पूर्ति होगी। मानसिक शांति रहेगी। मन प्रसन्नचित्त रहेगा। आलस्य में कमी का अनुभव करेंगे। सेवा कार्यों में तत्पर रहेंगे।
उपाय: प्रत्येक शनिवार को पीपल वृक्ष के पास तिल के तेल का दीपक जलाएं तथा श्री हनुमानजी की उपासना करें
मीन: यह वर्ष सामान्य सफलता दायक सिद्ध होगा। यशस्वी कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। रचनात्मक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा हानि हो सकती है। व्यर्थ के वाद विवाद से बचें। शत्रुओं के विजय प्राप्त करके अपना एक अलग प्रभाव स्थापित करेंगे। उत्तम भोजन शयनादि का सुख प्राप्त होगा। रोजी रोजगार में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वस्त्र आभूषण इत्यादि का लाभ प्राप्त करेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। उच्च अधिकारियों से लाभ तथा सम्मान प्राप्त होगा। आवेशित होने से बचें।
उपाय: भगवान श्री विष्णु जी की आराधना करें
