कांग्रेस की 'विजय शंखनाद रैली' के बाद सियासत कानूनी विवाद में उलझी, शुद्धिकरण करने वाले ने राहुल गांधी के खिलाफ दी तहरीर
राहुल पर लगाया शुद्धीकरण को जातिगत रंग देने का आरोप
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'विजय शंखनाद रैली' के बाद हुए शुद्धिकरण का मामला अब कानूनी विवाद में बदल गया है। रैली के बाद मैदान की सफाई और हवन करने वाली 'श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा समिति' के सदस्य अमित कुमार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी है। शिकायतकर्ता (जो स्वयं अनुसूचित जाति से हैं) का आरोप है कि राहुल गांधी ने इस शुद्धीकरण और सफाई अभियान को जानबूझकर जातिवाद और छुआछूत से जोड़कर पेश किया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और सुरक्षा प्रभावित हुई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 11 अगस्त को स्थानीय लोगों ने रैली के बाद फैले कूड़े-कचरे और आपत्तिजनक सामग्री से आहत होकर केवल मैदान की धार्मिक गरिमा और सफाई के लिए यह हवन कराया था, जिसका किसी जाति विशेष से कोई संबंध नहीं था।
हल्द्वानी, अमृत विचार : शहर में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद हुआ शुद्धिकरण हवन अब सियासी विवाद से आगे बढ़कर कानूनी डगर तक पहुंच चुका है। शुद्धिकरण में शामिल श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा समिति के एक सदस्य ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुद्धिकरण और सफाई की कार्रवाई को राहुल गांधी ने जातिगत और छुआछूत से जोड़कर पेश किया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सुरक्षा प्रभावित हुई है।
जवाहर नगर कॉलोनी निवासी अमित कुमार के अनुसार आठ अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली आयोजित हुई थी। उनके मुताबिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मैदान में बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा और कुछ आपत्तिजनक सामग्री पड़ी मिली थी। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। अमित कुमार ने तहरीर में बताया कि 11 अगस्त को उन्होंने अनुसूचित जाति के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर रामलीला मैदान की सफाई की और हवन के माध्यम से शुद्धिकरण कराया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य मैदान की सफाई और धार्मिक रूप से शुद्धिकरण करना था। इसका किसी जाति विशेष से कोई संबंध नहीं था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान देने का आरोप
तहरीर के मुताबिक 29 अगस्त को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुए शुद्धीकरण के मुद्दे का उल्लेख करते हुए इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़ दिया। अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से शुद्धिकरण में शामिल लोगों की छवि दलित विरोधी और छुआछूत करने वालों के रूप में प्रस्तुत हुई। शिकायतकर्ता ने कहा है कि वह स्वयं अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। ऐसे में सफाई और हवन की कार्रवाई को जातिगत भेदभाव से जोड़ना उनकी समझ से परे है। उनका दावा है कि राहुल गांधी के बयान से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और सामाजिक स्तर पर उनके खिलाफ गलत धारणा बनने की स्थिति पैदा हुई है।
गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग
अमित कुमार ने पुलिस से राहुल गांधी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में यह भी कहा गया है कि शुद्धीकरण में शामिल लोगों को लेकर दिए गए कथित बयान से सामाजिक तनाव और उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा हुई है। हालांकि हल्द्वानी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता ने इस मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं की है।
मामले पर जानकारी देते हुए एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया है कि तहरीर मिली हैं, जिसकी जाँच की जा रही हैं। जिसके बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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