नेपाल : अचानक आई बाढ़ में 100 से अधिक भारतीय पर्यटक लापता, पर्यटन बोर्ड ने दी जानकारी
लखनऊ, अमृत विचार : नेपाल और तिब्बत की लगती सीमा पर रसुवा में अचानक आई भीषण बाढ़ में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, बताया जा रहा है कि इस बाढ़ में कई गांव बह गए हैं, जिसके कारण नेपाल के कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो करीब 142 भारतीय समेत 291 विदेशी नागरिकों के बाढ़ के बाद कोई जानकारी सामने नहीं आई है, यानी की वह लापता हो गये हैं, इसके अलावा 93 नेपाली नागरिकों के भी लापता होने की भी खबर है।
नेपाल के पर्यटन बोर्ड की तरफ से जारी आंकड़ें
वहीं नेपाल के पर्यटन बोर्ड की तरफ से जारी आंकड़ों की मानें रसुवा जिले में बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे भोटे कोशी नदी में आई अचानक विनाशकारी बाढ़ के बाद भारी तबाही हुई है, इस आपदा में अब तक अलग-अलग टूर एजेंसियों के माध्यम से यात्रा कर रहे कुल 384 पर्यटक लापता हो गए है, लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली मूल के निवासी शामिल हैं, बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि लापता विदेशी नागरिकों में सबसे बड़ी संख्या भारतीय पर्यटकों की है। टूर एजेंसियों से प्राप्त प्रारंभिक रिकॉर्ड के अनुसार, लापता भारतीयों का आंकड़ा 100 के पार पहुंच चुका है। सम्राट टूर्स एंड ट्रेवल्स के कुल 71 लापता यात्रियों में से 59 भारतीय नागरिक हैं। लीफ हॉलिडे के 55 यात्रियों में से 46 भारतीय नागरिक हैं, हिमालयन ग्लेशियर के लापता 52 यात्रियों में से 37 प्रवासी भारतीय (NRI) शामिल हैं। इसके अलावा लापता विदेशियों में अमेरिका 3, मलेशिया 17, यूके 12, ऑस्ट्रेलिया 1, नीदरलैंड्स 1 और दक्षिण अफ्रीका 4 के नागरिक भी शामिल हैं।
आपातकालीन सहायता नंबर जारी
नेपाल सरकार ने प्रभावितों और उनके परिजनों की मदद के लिए तत्काल हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर: 1234
हॉटलाइन नंबर: 1144
टूरिस्ट पुलिस: +977-9851289445
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है, उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है। भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन को पूर्ण सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
https://twitter.com/myogiadityanath/status/2092558463566262737
सीमावर्ती बस्तियों में भारी तबाही
उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने सीमावर्ती बस्तियों में भारी तबाही मचाई और निचले इलाकों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। बताया जा रहा है कि पानी तिब्बत की ओर से आया। नेपाल की सेना ने एक बयान में बताया कि पानी के अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ तथा वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बह गई।
बिहार में बढ़ी चिंता
नेपाल की नदियों में बाढ़ के चलते भारतीय क्षेत्र की नदियों पर देखने को मिलता है। वही अब बिहार में बहने वाली गंडक नदी के जलस्तर को लेकर भी चिंता बढ़ी है। प्रशासन नदी के आसपास के इलाकों में नजर बनाए रखा है। बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर भी स्थानीय स्तर पर निगरानी में रखा जाना महत्वपूर्ण है। इस खतरे की संभावना के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए पश्चिम चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीतामढ़ी, शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों को भी लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।
बिहार में हाई अलर्ट पर प्रशासन
मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुलों, पुलियों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने और स्थानीय लोगों को समय रहते अलर्ट रखने के निर्देश दिए। इस बीच, जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को गंडक बैराज के सभी गेट संचालित करने तथा उपलब्ध जलप्रवाह के सुरक्षित और प्रभावी प्रबंधन के लिए संबंधित नहरों में पानी का प्रवाह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
