Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन से पहले गुलजार हुए बाजार, रुद्राक्ष और चंदन की राखियों ने बढ़ाई चमक
महंगाई के चलते सोने-चांदी की राखियों की मांग घटी, बच्चों के बीच कार्टून और देवी-देवताओं की तस्वीर वाली राखियां बनीं पसंद
श्रावस्ती, अमृत विचार: रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। ऐसे में राखी को लेकर जिले के बाजार रोशन है। राखी की दुकान हो या फिर मिठाई की सभी जगह ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। सर्राफा कारोबारी भी लोगों को लुभाने के लिए नई नई डिजाइनों का सहारा ले रहे हैं। महंगाई के कारण सोने चांदी की राखियों की मांग घटी है।
रुद्राक्ष और चंदन की राखियों का बढ़ा चलन
रक्षाबंधन त्योहार को अब कुछ घंटे ही शेष हैं। ऐसे में बहनें भाईयों की सूनी कलाई सजाने के लिए सबसे बेहतर राखी पसंद करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। उन्हें दुकानों पर घंटों समय खपाने के बाद ही कोई राखी पसंद आ रही है। दुकानदार अक्कू गुप्ता ने बताया कि इस बार राखी के चलन में थोड़ा बदलाव हुआ है। प्लास्टिक व अन्य धातुओं से बनी राखियों के बजाय रुद्राक्ष व चंदन से बनी राखियों की मांग अधिक है। इसमें बहने ऐसी राखी पसंद कर रही हैं जो पूरे वर्ष सहजता से भाई पहन सकें। वहीं, बच्चों के लिए कार्टून व भगवान के छवि वाली राखी अधिक पसंद की जा रही है।
सोने-चांदी की राखियों पर महंगाई का असर
महंगाई का असर सर्राफा बाजार पर भी नजर आ रहा है। सोने और चांदी की बढ़ी कीमतों के चलते इस बार कीमती धातुओं से बनी राखियों की मांग कम हुई है।
सर्राफा कारोबारी मोहित रस्तोगी के अनुसार, चांदी की राखियों को अपेक्षाकृत कम कीमत में उपलब्ध कराने के लिए उनमें धागे का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। वहीं, सोने की राखियों को हल्का और आकर्षक बनाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जिले के कई बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
रक्षाबंधन को लेकर श्रावस्ती के अलावा इकौना, गिलौला, जमुनहा, सिरसिया, मल्हीपुर, बीरगंज, बदला, रत्नापुर, लक्ष्मणनगर, लक्ष्मणपुर, सेमरी, कटरा, ताल बघौड़ा और खरगौरा समेत कई क्षेत्रों के बाजार भी सजे हुए हैं।
राखी और मिठाइयों के साथ लोग त्योहार से जुड़ी अन्य जरूरी वस्तुओं की खरीदारी भी कर रहे हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और बढ़ने की उम्मीद है।
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